आंटी की गांड का कीड़ा


desi aunty sex stories, antarvasna यह हमारी कॉलोनी का टूर था मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली शीतल आंटी की गांड इस टूर के दौरान मारी। मुझे तो बिल्कुल उम्मीद नहीं थी मैं कभी उनकी गांड भी मार पाऊंगा लेकिन उन्होंने मुझसे अपनी इच्छा जाहिर की यह बात हम दोनों को ही पता है हमने किसी को भी इस बारे में नहीं बताया। मेरा यह टूर मेरे लिए हमेशा यादगार बन गया उसके बाद तो जैसे शीतल आंटी की गांड मेरी हो चुकी थी और वह मुझसे हमेशा चुदने के लिए उत्सुक बैठी रहती। उनकी गांड में इतनी ज्यादा खुजली थी कि वह मुझे अपने घर पर भी बुला लेती एक बार तो उन्होंने मुझे यह भी कह दिया तुम मेरे साथ ही रहा करो। मैंने उन्हें कहा क्या मेरा कोई घर पर नहीं है, यह टूर कुछ महीनो पहले का है मैं आपको इस टूर मे हुए चुदाई के बारे मे बताता हूं। हमने यह टूर किस प्रकार बनाया यह मैं आपसे शेयर करता हूं।

मेरा नाम राजेश है मैं एक इंजीनियरिंग का छात्र हूं मेरा यह आखरी वर्ष है। मेरे पिताजी बैंक में मैनेजर हैं वह बड़े ही सख्त मिजाज के हैं वह मुझे हमेशा ही कहते हैं कि बेटा तुम अच्छे से पढ़ते रहो, वह मेरी पढ़ाई पर बहुत ध्यान देते हैं और हमेशा ही मुझ पर नजरे गड़ाए रखते हैं यदि उन्हें मेरे बारे में छोटी सी भी भनक लग जाए तो वह बड़ा गुस्सा हो जाते हैं इसीलिए मैं अपने दोस्तों को कह देता हूं कि तुम मेरे घर के आस-पास भी मत दिखना यदि कभी तुम्हें मिलना भी हो तो तुम मुझे फोन कर देना। वह लोग मुझे मिलने के लिए हमारे घर के पास एक पार्क है वहां पर बुलाते हैं, मैं वहीं पर उनके साथ बात करता हूं, मेरे और दोस्तों बड़े ही मौज मस्ती करते हैं वह मुझे कहते हैं तुम्हारी जिंदगी तो बिल्कुल झंड हो चुकी है और तुम्हारे पापा तो लगता है तुम्हें खाना भी खाने नहीं देते होंगे, मैं उन्हें कहता हूं यार मैं क्या कर सकता हूं वही मुझे कॉलेज में पढ़ा रहे हैं और मेरा खर्चा भी वही उठाते हैं। मेरा दोस्त कपिल तो मुझे हमेशा ही कहता है तुम्हारे पापा का नेचर बड़ा अजीब है मैं जब भी उन्हें देखता हूं तो वह हमेशा ही गुस्से में दिखाई देते हैं, मैंने कपिल से कहा यार अब उनका नेचर तो मैं में बदल तो नहीं सकता लेकिन मुझे भी कई बार मन करता है कि मैं तुम्हारे साथ बाहर घूमने के लिए चलूँ परन्तु ऐसा हो ही नहीं सकता।

कपिल कहने लगा हम लोग कहीं घूमने के लिए चलते हैं, मैंने उससे कहा लेकिन हम लोग घूमने कहां जाएंगे तुम्हें पता है मैं तुम्हारे साथ नहीं आ पाऊंगा, मेरे पापा मुझे कहीं भी भेजने वाले नहीं है, कपिल बड़ा ही शातिर दिमाग का है, वह कहीं ना कहीं से कोई आइडिया जरूर निकाल लेता है, उसने मुझे कहा मैं इस बारे में तुम्हारी कॉलोनी की शीतल आंटी से बात करता हूं वह मना नहीं करेंगे और वैसे भी तुम्हारे कॉलोनी में सब लोग उनकी बात मानते हैं। शीतल आंटी बड़ी ही सख्त मिजाज हैं और वह बड़े ही खतरनाक किस्म की औरत है उनकी बात हमारी कॉलोनी में कोई भी मना नहीं करता, जब कपिल ने मुझसे यह बात कही तो मैंने कहा ठीक है तुम इस बारे में ऑन्टी से ही बात करना यदि उन्होंने घूमने के लिए हां कह दिया तो पूरी कॉलोनी उनके साथ जाने को तैयार हो जाएगी। कुछ दिनों बाद कपिल और मैं शीतल आंटी के पास चले गए और वह उन्हें कहने लगा कि आजकल शिमला का टूर बड़ा ही सस्ता हो रखा है यदि आप कहे तो मैं अपने दोस्त से बात करता हूं, आंटी कहने लगी लेकिन मैं तो कुछ समय पहले ही शिमला गई थी उस वक्त वहां बहुत ही महंगा था, कपिल ने उन्हें कहा मेरा एक जानने वाला है यदि आप कहें तो मैं उससे बात करता हूं और यदि आप कॉलोनी के लोगों से इस बारे में बात करें तो सब लोग आने के लिए तैयार हो जाएंगे, आंटी के दिमाग में बात आ गई और वह कहने लगी ठीक है मैं इस बारे में तुम्हें कुछ दिनों बाद बताती हूं कपिल के पास शीतल आंटी का नंबर पहले से ही था और कुछ दिनों बाद उसने शीतल आंटी को फोन कर दिया, जब कपिल ने आंटी ने फोन किया तो आंटी कहने लगे ठीक है फिर तुम घूमने का प्लान बनाओ और मुझे बता देना कितना पैसा लग रहा है, मैं कॉलोनी में सब लोगों से बात कर ली है अधिकांश लोग आने को तैयार हैं।

जब मुझे कपिल ने यह बात बताई तो मैं बहुत खुश हो गया और शाम के वक्त जब मैं घर गया तो मेरी मम्मी कहने लगी हम लोग कुछ दिनों बाद शिमला घूमने जाने वाले हैं, मैंने अपनी मम्मी से कहा तो आपके साथ कौन-कौन जा रहा है? मेरी मम्मी कहने लगी हम सब लोग साथ चलेंगे मतलब तुम भी तो हमारे साथ ही चलोगे कौन सा तुम घर पर अकेले रहने वाले हो। मैं बहुत खुश हो गया और मैं शिमला जाने के नाम से इतना खुश हुआ कि मेरे दिमाग में सिर्फ शिमला के सपने आने लगे, मैं गाने भी ऐसे देखता जीसमें की वादियां दिखाई देती, मैं बहुत ही खुश था और कुछ दिनों बाद हम लोग शिमला घूमने के लिए चले गये, कपिल भी हमारे साथ ही आया, कपिल और मैं तो बहुत ज्यादा खुश हो रहे थे जब हम लोग शिमला पहुंच गए तो मेरे पापा ने उतरते ही मुझे कहा तुम हमारे साथ ही रहना तुम्हे इधर उधर कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है, यह बात शीतल ऑन्टी भी सुन रही थी शीतल ऑन्टी ने कहा की बच्चे घूमने आए हैं उन्हें थोड़ा तो आप घूमने का मौका दीजिए, क्या यहां भी आप उन्हें अपने लंगोट से बांध कर रखेंगे, जब शीतल ऑन्टी ने यह बात कही तो मैं शीतल आंटी के पास गया और मैंने उन्हें कहा आंटी आप तो दिल की बड़ी ही अच्छी है, मैं आपको समझता था कि आप बड़ी ही घमंडी किस्म की है लेकिन आज मुझे पता चला कि आप तो बहुत अच्छी है, मैंने उनकी इतनी तारीफ कर दी कि वह मुझसे बहुत खुश हो गई और उस पूरे टूर में वह मेरे साथ ही बात कर रही थी।

शीतल आंटी मेरे साथ ही घूम रही थी। वह मुझे कहने लगी आज मेरी गांड में बड़ी खुजली हो रही है, वह अपनी गांड में बार बार अपने हाथ से खुजली कर रही थी। मैंने उन्हें कहा आंटी आपकी गांड तो बड़ी सेक्सी है, वह मुझे कहने लगी चलो आज फिर तुम मेरी गांड की खुजली मिटा दो वह मुझे अपने साथ अपने रूम में लेकर चली गई। मैंने उनके कपड़े खोले जब मैने उनकी बड़ी गांड देखी तो मैं उनकी गांड पर पूरी तरीके से फिदा हो गया। मैंने उनकी गांड को बड़े अच्छे से चाटा जब मैने उनकी गांड चाटी तो वह बहुत खुश हो गई थी। वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत में अपने लंड को डाल दो मेरी चूत से भी पानी निकल रहा है। मैंने उनकी चूत में अपने लंड को डालते हुए अंदर बाहर करना शुरू कर दिया मैं बड़ी तेज गति से उन्हें चोद रहा था उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था और मुझे भी काफी आनंद आता। उनकी लंबाई मेरी जितनी है और उनका शरीर बड़ा ही गदराया हुआ है। उनकी चूत मारकर मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन मेरी नजरे उनकी गांड पर ही थी जैसे ही मेरा वीर्य पतन हो गया तो मैंने उन्हें कहा आप मेरे लंड को पहले पूरा चिकना बना दीजिए। उन्होंने मेरे लंड को पूरा चिकना बना दिया जब मैने उनकी मोटी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया, वह अपने मुंह से चिल्लाने लगी और कहने लगी तुमहारा लंड बहुत मोटा है ऐसा लंड मैंने 5 वर्ष पहले अपने नौकर का लिया था लेकिन तुम्हारा लंड भी उससे कम नहीं है। तुम दोनों के लंड मे सिर्फ एक फर्क है तुम्हारा लंड गोरा है और उसका बहुत ही काला था लेकिन बहुत मजेदार है। मैं उनकी गांड मार रहा था मैने उनकी गांड से खून निकाल दिया उनकी गांड से जब खून निकला तो वह मुझे कहने लगी मैं तो तुम्हें बड़ा ही कमजोर समझती थी लेकिन मुझे अब पता चला तुम्हारे अंदर बहुत ताकत है तुमने मेरे गांड के घोड़े खोल दिए। मैंने उनकी गांड बड़ी तेजी से मारनी शुरू कर दी, वह अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी हम दोनों पूरे तरीके से गर्म हो चुके थे मेरा वीर्य जब उनकी गांड मे गिरा तो वह बहुत खुश हो गई और कहने लगी तुमने आज मेरी खुजली मिटा दी आज के बाद तुम मेरे दिल पर राज करोगे, तुम ही मुझे चोदने के लिए आओगे। उसके बाद वह मुझे हमेशा ही अपने घर बुला लेती है और मैं ही उन्हें हमेशा चोदता रहता हूं।