बहन की ननद की गांड मे दर्द


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antarvasna, desi chudai ki kahani मैं जब भी अपनी बहन के बारे में सोचता हूं तो मुझे बहुत तकलीफ होती है मेरी बहन का जीवन बर्बाद हो चुका है, उसका पति राजीव बिल्कुल भी अच्छा इंसान नहीं है। हम लोगों ने उन्हें दहेज के लिए कोई भी कमी नहीं की हमसे जितना बन सकता था हमने उससे अधिक उन्हें पैसे दिए लेकिन उन्होंने तो बिल्कुल हद ही कर दी, मेरी बहन को उन्होंने बहुत परेशान किया और जब एक दिन मैं घर से बाहर जा रहा था तो मैंने राजीव को एक लड़की के साथ देखा वह दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर घूम रहे थे, जब मैंने यह सब देखा तो मेरा पारा एकदम से चढ़ गया और मैं इतने गुस्से में हो गया कि मैंने राजीव को जाकर थप्पड़ भी मार दिया हालांकि राजीव मुझसे छोटा है लेकिन वह बड़ा ही बत्तमीज किस्म का व्यक्ति है, वह मुझे कहने लगा मैं तुम्हारी बहन को भी नहीं छोड़ने वाला, उसकी जिंदगी मैं पूरी तरीके से बर्बाद कर दूंगा, मैंने उससे उस वक्त हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि मुझसे गलती हो गई लेकिन मैं भी उसे छोड़ने वाला नहीं था इसीलिए मैं अब उसको सबके सामने बदनाम करना चाहता था, उसके लिए मैंने उसकी बहन का सहारा लिया।

मैंने भी उसके साथ वैसा ही किया जैसे वह मेरे साथ कर रहा था उसकी बहन का नाम मनीषा है, उसे मैं पहले ही से ही जानता हूं लेकिन उसका भी कैरेक्टर कुछ अच्छा नहीं है उसका नाम भी मैंने कई लड़कों के साथ सुना है और वह बड़ी बदनाम लड़की है। मैंने सोचा कि मुझे अब उसका ही सहारा लेना पड़ेगा और उसके लिए मैंने उससे बात करनी शुरू कर दी, मैंने उसे पैसे का लालच भी दिया वह बहुत ही लालची किस्म की लड़की है, वह अब मुझसे बात करने लगी थी और मैं पल पल की खबर उससे निकलवाता था, वह मुझे सब कुछ बताने लगी, राजीव किस वक्त घर से बाहर जाता है और उसका किस महिला के साथ चक्कर चल रहा है। राजीव का दो तीन महिलाओं के साथ चक्कर चल रहा था और उसने तो जैसे मेरी बहन की जिंदगी बर्बाद कर दी थी, वह बड़ा ही बेकार व्यक्ति है और उनका पूरा परिवार एक जैसा है, वह लोग काफी बदनाम है लेकिन हमें यह सब पहले नहीं पता चल पाया और हमारी जल्दी बाजी की वजह से हमने मोनिका का रिश्ता उस घर में कर दिया।

एक दिन मुझे राजीव का फोन आया और राजीव कहने लगा भैया जरा हमारी पैसों से मदद कर देते तो कितना अच्छा रहता, मैंने उसे साफ तौर पर मना कर दिया और उससे कहा की तुम्हें लगता है पैसों की आदत हो चुकी है क्या हम ही तुम्हें पैसा देकर पालते रहे तुम कभी कुछ नहीं करोगे, वह कहने लगा आपको पैसे तो देने ही पढ़ेंगे आपकी बहन अब मेरी पत्नी है और उसकी भलाई इसी में है। राजीव ने तो जैसे मुझे अंदर तक तोड़ दिया था और मेरे परिवार के सारे सदस्य बहुत परेशान भी थे, मेरे पिताजी का स्वास्थ्य खराब रहने लगा और उसका दोषी सिर्फ राजीव था मैं राजीव को कभी माफ नहीं करने वाला था इसलिए मैंने मनीषा से नजदकिया बढ़ाई और उससे मैं बात करने लगा, मैं जब मनीषा से सारी चीज पूछने लगा तो उसने मुझे राजीव के बारे में बहुत सारी चीजें बताइ और मुझे उसने यह भी कहा कि कैसे उसने आपकी बहन को परेशान किया है और वह उसे हर रोज परेशान करता है, मैंने सोचा कि मैं एक दिन अपनी बहन से मिल आता हूं मैं उस दिन मोनिका से मिलने के लिए चला गया, मैंने जब मोनिका को देखा तो वह बहुत ही उदास थी और कमरे में ही लेटी हुई थी उसका चेहरा भी मुरझाया सा लग रहा था और वह बहुत दुबली पतली हो गई थी। मैंने मोनिका से कहा तुम कुछ दिनों के लिए हमारे साथ चलो, मोनिका मुझे कहने लगी भैया मैं आपके साथ नहीं आ सकती, मैं बहुत ही ज्यादा परेशान हो चुकी हूं, मैंने उसे कहा कि तुम्हें मेरे साथ तो चलना ही होगा क्या तुम अपने भाई की बात नहीं मानोगी, वह कहने लगी ठीक है भैया मैं आपके साथ चलती हूं, वह मेरे साथ ही घर आ गई, जब मैं उसे घर लाया तो मम्मी पापा उसे देख कर बहुत दुखी हो गए और कहने लगे राजीव ने तुम्हारा क्या हाल कर दिया है।

मेरी मां तो बहुत जोरों से रोने भी लगी, मैंने सोचा कि मैं अब राजीव को बिल्कुल भी छोड़ने वाला नहीं हूं मेरे अंदर उसको लेकर बहुत गुस्सा भरा हुआ था और मैं उसे दिखाना चाहता था कि किसी इंसान की पीड़ा क्या होती है, मेरे अंदर बदले की भावना आ चुकी थी, राजीव बिल्कुल भी बात करने लायक नहीं था परंतु मेरी बहन के साथ उसका नाम जुड़ा हुआ था इसलिए हम लोग शांति से इस बारे में सोचना चाहते थे कि क्या किया जाए। मैंने तो अपने मम्मी से कह दिया कि मोनिका हमारे पास ही रहेगी और हम लोग राजीव के परिवार से कोई भी संबंध नहीं रखना चाहते, मेरी मम्मी कहने लगी बेटा ऐसा संभव नहीं है तुम्हे क्या यह सब इतना आसान लगता है हमारे सारे रिश्तेदार क्या कहेंगे कि बेटी को घर पर ही बैठा लिया, शायद बेटी का ही कोई दोष होगा। जब मेरी मम्मी ने यह बात कही तो मुझे भी लगा कि यह तो वाकई में बिल्कुल गलत है, ऐसा नहीं हो सकता, मेरी तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था लेकिन मेरे लिए अच्छी बात यह थी कि मोनिका हमारे साथ रह रही थी और वह अपने आप को पहले से बेहतर महसूस कर रही थी हम लोग उसका बड़ा ध्यान रख रहे थे।

मुझे मनीषा का फोन आया वह कहने लगी मुझे तुमसे मिलकर बात करनी है। मैंने उसे कहा तुम मेरे घर पर आ जाओ वह कहने लगी तुम्हारे घर का माहौल ठीक नहीं है इसलिए मैं तुम्हारे घर पर नहीं आ सकती। मैंने उसे कहा तो फिर तुम मेरे दोस्त के घर पर आ जाओ वह कहने लगी हां यह ठीक रहेगा। वह मेरे दोस्त के घर पर आ गई जब मनीषा उस दिन आई तो वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हें कुछ बताना है। हम दोनों रूम में बैठे हुए हैं और आपस में बात कर रहे थे उसने राजीव के बारे में एक बहुत बड़ी बात बताई, उसने मुझे कहा राजीव ने हमारी कॉलोनी की एक लड़की को प्रेग्नेंट कर दिया वह लड़की यह चाहती है कि राजीव उससे शादी कर ले। मेरा गुस्सा जैसे सातवें आसमान पर पहुंच चुका था मैंने मनीषा के हाथ को पकड़ा और उसे अपनी गोद में बैठाते हुए कहा मुझे लगता है मुझे तुम्हें प्रेग्नेंट करना पड़ेगा तभी तुम्हारा भाई सुधरेगा। वह मुझे कहने लगी तुम ऐसा क्यों कर रहे हो मैंने उसे पैसे दिए और कहा तुम्हें सिर्फ पैसों से प्यार है तुम यह पैसे पकड़ा। मैंने उसे पैसे पकड़ा दिए और उसके कपड़े खोलने शुरू कर दिए वह पैसे उसने अपने बैग में रख लिए। मैंने उसके कपडे खोले तो उसकी चूत में हल्के भूरे रंग के बाल थे, उसकी चूत से पानी भी निकल रहा था। मैंने जब उसके बड़े स्तनों पर हाथ लगाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी तुम जल्दी से मेरी चूत मारो। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया, मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो उसे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैं उसे लगातार तेज गति से धक्के देने लगा मैंने उसकी चूत बहुत देर तक मारी जब मेरा वीर्य गिर गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और काफी शांति मिली। मैंने जब उसकी गांड में उंगली डाली तो उसने मुझे कहा तुम मेरे गांड मत मारो। मैंने उसे और पैसे दिए मैने उसे कहा मुझे तो तुम्हारी गांड मारनी है। मैंने जैसे ही उसकी गांड में अपने लड को लगाया तो वह कहने लगी मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है। मैं उसकी गांड बड़ी तेजी से मारता रहा जब उसकी गांड कुछ ज्यादा ही दुखने लगी तो मुझे भी एहसास हुआ उसकी गांड में बहुत ज्यादा दर्द होने लगा है लेकिन मेरा उसे छोड़ने का बिल्कुल मन नहीं हो रहा था। मैंने उसे कहा तुम अपनी बडी चूतड़ों को मुझसे मिलाते रहो वह भी अपनी बड़ी चूतडो को मुझसे मिलाती जाती, मैं उसे लगातार तेज गति से धक्के मार रहा था। जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था मैंने उससे कहा मेरे वीर्य पतन होने वाला है। उसने मुझे कहा तुम मेरी गांड में ही डाल दो जिससे मेरी गांड की आग बुझा जाए। मैंने अपने वीर्य को उसकी बड़ी गांड के अंदर गिरा दिया उसने जल्दी से कपड़े पहने। मैंने उसे कहा आज के बाद मैं तुम्हे हमेशा चोदूंगा कुछ समय बाद वह प्रेग्नेंट हो गई थी। उसके बाद राजीव की भी गांड फट गई मैंने उसे कहा जब तक तुम मेरी बहन को अच्छे से नहीं रखोगे मैं तुम्हारी जुगाड बहन को भी नहीं छोड़ने वाला।