बेटी के आशिक की मां का कडक बदन


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antarvasna, kamukta मेरा नाम राघवेंद्र है और मेरी उम्र 47 वर्ष है। मैं भोपाल का रहने वाला एक व्यापारी हूं। मेरा चीनी मिल का काम है और मैं काफी बड़े स्तर पर चीनी की सप्लाई का काम करता हूं। मेरे पास जितने भी बड़े डिस्ट्रीब्यूटर है वह सब आते हैं और मुझसे सामान लेकर जाते हैं इसी वजह से मेरा शहर में काफी नाम भी है और मेरे अच्छे लोगों के साथ संपर्क भी हैं। मैंने अपने जीवन में बहुत ही संघर्ष किया है उसके बाद ही मैं इस मुकाम पर पहुंच पाया हूं। मेरी लड़की का नाम करीना है और वह कॉलेज में पढ़ती है उसकी उम्र 23 वर्ष है। मैंने उसे बड़े ही प्यार से पाला है। मैंने उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी और मेरी पत्नी भी हमेशा मुझे कहती है की आप करीना को इतना ज्यादा प्यार मत किया कीजिए। जब उसकी शादी हो जाएगी तो आपको बहुत ही तकलीफ होगी। मैं उससे कहता हूं कि यह तो हम बाद में देख लेंगे जब उसकी शादी होगी यह सब उसके बाद ही सोचा जाएगा लेकिन अभी तो करीना हमारे साथ ही है। मेरा छोटा लड़का भी है  वह स्कूल में पढ़ रहा है। उसकी उम्र 16 वर्ष है।

जब करीना ने मुझसे कहा कि आपको मेरे कॉलेज आना है तो मैंने कहा ठीक है। मैं तुम्हारे कॉलेज आ जाऊंगा। मैं जब करीना के कॉलेज गया तो उसने मुझे अपने कॉलेज के दोस्त से मिलवाया। उसके एक दोस्त का नाम अंकित है। अंकित से मिलकर मुझे उस दिन तो अच्छा लगा लेकिन करीना उसके साथ जिस तरीके से बात कर रही थी और जिस प्रकार से उन दोनों के हाव् भाव थे वह मुझे कुछ ठीक नहीं लगे। उस दिन के बाद तो मैं इस बात को भूल गया और अपने काम पर लग गया। मैं घर पर कम ही समय दे पाता हूं इस वजह से मैंने करीना को भी इस बारे में नहीं पूछा। एक दिन जब मैंने करीना से इस बारे में बात की तो करीना मुझे कहने लगी अंकित मेरा बहुत अच्छा दोस्त है। मैंने करीना को कहा कि यदि तुम दोस्ती तक ही सीमित रहो तो अच्छा है परन्तु इससे आगे तुम्हारा रिलेशन बड़ा तो मैं बिल्कुल भी इन चीजों को बर्दाश नहीं करूंगा।

मैंने उसे उस दिन बिलकुल सख्त लहजे में ये बात समझा दी थी। उसने मुझे कहा पापा मैं आपको बिल्कुल भी शिकायत का मौका नहीं दूंगी। यह बात कहने के बाद मैंने उसे कई दिन तक कुछ नहीं कहा और सब कुछ पहले जैसा ही नॉर्मल चलता रहा। एक दिन मैं जब अपने घर लौट रहा था तो घर के बाहर करीना अंकित के साथ बात कर रही थी। वह दोनों शायद कहीं जाने के विचार में थे तब तक मैंने उन दोनों को देख लिया और जैसे ही मेरी नजर दोनों पर पड़ी तो वह दोनों घबरा गए। मैं अपनी कार को किनारे खड़ा करके उतरा और उसको बहुत डांटा। मैंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि तुम करीना के आसपास भी दिखो और मैं वाकई में नहीं जाता था कि वह मेरी बेटी के आसपास भी देखें लेकिन उसके बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। वह दोनों चुप चुप के मिलते रहते थे। करीना से मैंने पूछा कि अंकित के घर में कौन-कौन है? करिना कहने लगी अंकित की मम्मी है और वह स्कूल में पढ़ाती हैं। मैंने कहा ठीक है तुम अब चले जाओ। वह अपने कमरे में चली गई और जब वह अपने रूम में गई तो उसके पीछे पीछे मैं भी चला गया। मैंने देखा की वह अंकित से फोन पर चुपके से बात कर रही है। मैंने सोचा अब इन दोनों का रिलेशन कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ चुका है और यदि मैं करीना को डाटूंगा तो वह कहीं कुछ गलत ना कर ले इसी वजह से मैंने उसे कुछ भी नहीं कहा। उसके बाद मैं अंकित के घर चला गया। मैं जब अंकित के घर पर गया तो उसकी मां घर पर अकेली थी। उस समय अंकित घर पर नहीं था। मैंने उसकी मां को अपना परिचय दिया और कहा कि मैं करीना का पापा हूं। वह कहने लगी हां भाई साहब बैठिये। उन्होंने मुझे बैठा दिया और वह बड़ी ही शालीनता से मुझसे बात कर रही थी। मैं भी उनसे बड़े अच्छे तरीके से बात कर रहा था। मैंने उन्हें कहां। देखिए हम दोनों के बच्चे अभी छोटे हैं और उन दोनों को इन चीजों के बारे में समझ नहीं है यदि आप अंकित को समझाएं तो वह दोनों समझ जाएंगे। मुझे उन्होंने अपना नाम भी बता दिया था। उनका नाम अर्चना है।

अर्चना जी मुझे कहने लगी देखिए सर मैं अंकित से बात कर लूंगी लेकिन मैं उस पर दबाव नहीं बना सकती आपको तो पता ही है आजकल के बच्चे कैसे हैं। जब उन्होंने मुझसे यह बात कही तो मैंने कहा देखिए मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी की शादी किसी अच्छे घर में हो। मैंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है और मैं चाहता हूं कि जितना पैसा मैंने अपने जीवन में कमाया है उससे अधिक पैसे वाले परिवार में उसकी शादी हो। वह कहने लगी कि ठीक है मैं इस बारे में अंकित से बात करूंगी और यह कहते हुए मैं उनके घर से चला गया लेकिन उसके बाद भी अंकित और करीना का मिलना जारी रहा। वह दोनों अक्सर एक साथ मुझे दिख जाते थे। मुझे भी अब बिलकुल समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। मुझे उन दोनों को देखकर बहुत गुस्सा आने लगा। मैंने कई दिनों तक तो करीना को घर से बाहर नहीं जाने दिया परन्तु अंकित मेरे घर के चक्कर मारता रहता था। वह करीना के लिए तड़पने लगा था। मैं एक दिन अर्चना जी के पास चला गया। मैंने उन्हें कहा मैडम मेरी बातो का करीना पर कोई असर नहीं हो रहा क्या आपने अंकित से इस बारे में बात की ? वह कहने लगी मैंने तो अंकित को बहुत समझाया लेकिन वह समझ ही नहीं रहा है। वह दोनों एक दूसरे को प्यार करत हैं।

अर्चना जी मुझसे कहने लगी आप उन दोनों को मत रोकिए वह दोनो एक दूसरे के प्यार में अंधे हो चुके हैं। मैंने उनसे कहा आखिरकार प्यार कहां तक जाएगा वह सिर्फ एक शारीरिक संबंध बनकर रह जाएगा वह दोनों इन चीजों को नहीं समझ रहे हैं। जब मैंने उनसे यह बात कही तो वह मेरे पास आकर बैठ गई और कहने लगी क्या आपको पता है मैं अपने पति के लिए कितना तड़पती हूं उनका देहांत पहले ही हो चुका था मैंने उसके बाद कभी भी किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाया लेकिन उसकी तडप आप क्या समझ सकते हैं। यह बात कहते हुए उन्होंने मेरे हाथ पर अपने हाथ को रखा। जब मैंने उनकी जांघ पर अपने हाथ को रखा तो उनकी जांघ बड़ी मुलायम लग रही थी मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठाया तो उनकी मुलायम पैर देख कर मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो गया। जब मैंने उनके बदन से सारे कपड़े उतारे तो उनका बदन ऐसा लग रहा था जैसे कि वह दूध से नहाती हो। मैंने उनके बदन को चाटना शुरू कर दिया उनकी योनि बहुत टाइट थी क्योंकि उनका काफी समय से किसी ने भी रसपान नहीं किया था। मैं उनके स्तनों को बड़े अच्छे से चूसता जाता और काफी देर तक मैंने उनके स्तनों को मुंह मे लिया। जब मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया तो मेरे अंदर से आग पैदा होने लगी और उनकी बड़ी चूत को देखकर मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा। जब मैंने उन्हें घोड़ी बनाया तो मैंने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो उनके मुंह से आवाज निकल आई और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मैं उन्हें लगातार तेज गति से धक्के देते जाता मुझे उनको चोदने में बहुत आनंद आ रहा था। उनकी चूत से लगातार पानी का रिसाव हो रहा था। मैंने उनके साथ 2 मिनट तक संभोग किया। जैसे ही मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर गिरा तो मैंने उनकी योनि से अपने लंड को साफ करते हुए उनकी बड़ी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। उनकी गांड का छेद इतना ज्यादा टाइट था कि मेरा लंड उनकी गांड के अंदर जा ही नहीं रहा था लेकिन मैंने कोशिश करते हुए उनकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड के अंदर बाहर होने लगा तो वह कहने लगी आप अच्छे से मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डालते रहो। मैंने भी अपने लंड को तेजी से उनकी गांड मे डालना शुरू कर दिया। उनके साथ सेक्स करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। मैं उन्हें लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और बड़ी तेजी से मेरा वीर्य उनकी गांड के अंदर गिर गया। उसके बाद मैंने अंकित और करीना के रिश्ते को भी मान लिया था और मैंने भी उन दोनों को मिलने से कभी नहीं रोका वह दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं और मैं भी अर्चना जी के साथ बहुत खुश हूं।