भतीजे से मायके में चुदाई


Click to Download this video!

hindi porn kahani, incest sex stories

मेरा नाम मोहन है और मैं बारहवीं में पढ़ता हूं। मैं इसी वर्ष 12वीं में गया हूं और मैं घर में एकलौता हूं। इसलिए मुझे घर में सब लोग बहुत ही अच्छा मानते हैं और सब लोग बहुत अच्छे से प्यार भी करते हैं। मुझे वह हर चीज लाकर देते हैं जो मुझे चाहिए होती है। मेरे पिताजी तो हमेशा मेरा साथ देते रहते हैं। यदि कभी मुझसे कोई गलती हो भी जाती है और मेरी मम्मी मुझे डांटती है तो वह कहते हैं कि अभी मैं छोटा हूं और यह गलतियां तो बचपन में हो ही जाती हैं। इस वजह से मेरी मम्मी भी मुझे कुछ नहीं कहती। अगर वह कभी गुस्सा भी हो जाती हैं तो पिताजी उन्हें समझा लिया करते हैं। मेरे पापा एक बहुत ही हंसमुख इंसान है और वह जब भी घर पर रहते हैं तो घर का माहौल ही कुछ अलग तरीके का होता है। यदि कई बार मेरी मम्मी भी गुस्सा हो जाए तो वह उन्हें किसी न किसी तरीके से मना ही लेते हैं और वह भी हंसने लगती हैं। मुझे यह सब बहुत ही अच्छा लगता है। मेरी भी स्कूल में बहुत सारे दोस्त हैं। मैं उन्हें अपने पापा के बारे में बताता हूं। वह सब बहुत खुश हो जाते हैं। जब भी वह हमारे घर पर आते हैं तो मेरे पिताजी उन्हें कुछ ना कुछ मजाकिया अंदाज में छेड़ देते हैं। जिससे कि वह सब उन्हें देखकर बहुत खुश रहते हैं और मुझसे कहते रहते हैं कि हमारे पापा तो बहुत ही खडूस हैं और तेरे पापा तो बहुत ही अच्छे हैं। मुझे भी अपने पापा पर बहुत ज्यादा गर्व महसूस होता है जब वह इस तरीके से उनके बारे में तारीफ करते हैं।

हमारे घर पर मेरे पापा के जितने भी दोस्त आते हैं। वह सब उनकी बड़ी ही तारीफ करते हैं लेकिन मुझे कई बार ऐसा लगता है कि मैं घर में अकेला हूं। इस वजह से मैं कुछ इंजॉय नहीं कर पाता हूं। या फिर मैं कभी ज्यादा मस्ती नहीं कर पाता हूं। मैंने कई बार यह बाते अपने पिताजी से भी कही कि मैं घर पर अकेला हूं, इस वजह से मैं घर पर कभी कबार बोर भी हो जाता हूं लेकिन वह मुझे हंसा दिया करते हैं। कुछ दिनों बाद हमारे घर पर मेरे मामा जी के बच्चे भी आ गए। उनकी दो लड़कियां हैं। उनके स्कूल की छुट्टी पड़ी थी तो वह हमारे घर पर ही आ गए और वह कुछ दिनों तक हमारे घर पर ही रहने वाले थे। उनकी लड़कियों का नाम नाम शालू और अंजलि है। जो कि मेरी ही उम्र की है। मैं यह सोचने लगा, चलो कुछ दिनों तक तो मैं घर पर ही हूं। उनके साथ टाइम पास कर लिया करूंगा। जब मेरे मामा जी आए तो मेरे पिताजी और मामा जी बैठ कर काफी सारी बातें करने लगे और कहने लगे कि मैं कुछ दिनों के लिए बच्चो को आपके घर पर ही छोड़कर जा रहा हूं। आप इन दोनों का ध्यान रख लीजिएगा। मेरे पिताजी ने उन्हें कहा कि आप चिंता मत करो। मैं इन दोनों का ध्यान अच्छे से रखूंगा और उनके साथ में हमारा लड़का भी तो है ही। मेरे मामा जी यह बात सुनकर संतुष्ट हो गए और दो दिन बाद हमारे घर से चले गए।

शालू भी 12वीं में पढ़ती थी और अंजलि 11वीं में थी। तो हम लोग बैठ कर ऐसे ही डिस्कशन करने लगे की, तुम्हारे स्कूल में किस तरीके की पढ़ाई होती है। तो वह भी मुझे बताने लगे कि हमारे स्कूल में भी अच्छे से पढ़ाई हो रही हैं। उन्होंने अपने स्कूल के बारे में मुझे बताया। अब हम लोग बहुत ज्यादा मस्ती करने लगे और पता ही नहीं चला कि कब दो-तीन दिन बीत गए। हम ऐसे ही टाइम पास कर लिया करते थे। वह दोनों बहुत ही अच्छे से मेरे साथ रहती। क्योंकि बचपन से ही हम लोग साथ में रहे हैं और हमें एक दूसरे के बारे में पता भी है एक दिन हम ऐसे ही बैठे हुए थे तो मैंने उनसे पूछा क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड भी है। शालू मुझे मना करने लगी कि नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं है लेकिन मुझे एक लड़का स्कूल में बहुत पसंद है और अंजलि ने भी मना कर दिया लेकिन मैंने उनसे बातें निकलवा ही ली। मुझे शालू ने बताया कि स्कूल में एक लड़का है। जिससे वह बहुत ज्यादा बात करती है।

शालू और मेरी उसके बॉयफ्रेंड को लेकर बातें होने लगी। मैंने उससे पूछा तुमने  स्कूल में क्या-क्या किया है वह मुझे कहने लगी हमारे बीच में एक बार बाथरूम में किस हो गया था। मैंने उसे कहा इससे ज्यादा कभी कुछ नहीं हुआ तो वो कहने लगी कि एक बार उसने मेरे स्तनों को दबा दिया था तो मुझे बहुत अच्छा लगा लेकिन मैं उसके बाद वहां से भाग गई और इससे ज्यादा हमारे बीच में कुछ भी नहीं हुआ।

यह बात सुनकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया और मैंने उसके स्तनों की तरफ देखा तो वह बहुत ज्यादा बड़े-बड़े हो रखे थे और हिल रहे थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को देख रहा था। मैंने जैसे ही उसके स्तनों पर हाथ रखा तो वह मचलने लगी और मैंने उसे कहा कि मुझे भी तो तुम अपने स्तन दिखाओ। पहले तो वह मुझे नहीं दिखा रही थी लेकिन बाद में उसने जैसे ही अपनी टीशर्ट को उतारा तो उसके स्तन देखकर मै हैरान रह गया। वह बहुत ज्यादा बड़े-बड़े थे और ऐसा लग रहा था कि जैसे वह उनमें हवा भर कर आई हो। मैंने तुरंत ही वह अपने हाथों से दबाना शुरु किया और उन्हें अपने मुंह में लेने लगा। मैंने बहुत देर तक अपने मुंह में लेकर चूसना जारी रखा और उसकी चूत भी गीली हो गई थी। मैंने उसकी चूत मे अपनी जीभ को लगा दिया बहुत देर तक चूसता जा रहा था। उसके बाद मैंने उसकी चूत मे अपना डाल दिया जैसे ही मैंने लंड अंदर डाला तो उसका खून निकलने लगा और वह बड़ी जोरों से चिल्ला रही थी। वह मुझे कह रही थी कि भैया मुझे बहुत मजा आ रहा है मैं यह सुनकर बहुत खुश हो रहा था उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था और ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था। मैंने उसे कम से कम आधे घंटे तक ऐसे ही रगड़ना जारी रखा। थोड़ी देर में अंजली भी कमरे में आ गई और उसने हम दोनों को देख लिया। वह कहने लगी कि मैं सबको घर में बता दूंगी मैंने जल्दी से उसको   पकड़ लिया। शालू ने उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसकी चूत से भी पानी निकल रहा था और बहुत ही उत्तेजित हो रही थी। मैंने उसके कपड़े खोलते हुए उसे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत मे अपना डाल दिया जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला। वह बहुत ही चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अब वह मेरे काबू में आ चुकी थी और मैं ऐसे ही धक्के मारने लगा। मैंने बहुत तेजी से धक्के मारना जारी रखा।

मै इतनी तेजी से झटके मारता जा रहा था और मैं शालू को किस कर रहा था। अंजलि की योनि में मेरा माल गिर गया और मुझे बहुत अच्छा लगा जब उसकी योनि में मेरा वीर्य गिरा। मुझे ऐसा लगा कि मेरी दोनो बहने कितनी माल है शालू ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और ऐसे ही चूसने लगी। मैंने उसे भी घोड़ी बना दिया और चोदना शुरू कर दिया। मैं उसे बहुत तेज तेज चोद रहा था जिससे कि उसका शरीर पूरा हिल रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि पता नहीं वह दोनों  इतने दिनों से कहा थी और मैं ऐसे ही उसे झटके मार रहा था। झटके मारते मारते मेरा वीर्य गिर गया और मैंने वह सारा माल उसकी योनि के अंदर ही गिरा दिया। अब मैंने अपने लंड को साफ किया तो उन दोनों को खून मेरे लंड पर लगा हुआ था और दोनों की चूत से ब्लीडिंग हो रही थी। मैंने उन दोनों को कपड़ा दिया और उसके बाद में दोनों ने कपड़े से साफ करते हुए। मेरे पास आकर बैठ गई और कहने लगी तुमने हमें बहुत अच्छे से चोदा हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश हो गई हैं। वह जितने दिन हमारे घर पर थी मैं उन दोनों बहनों को अच्छे से चोदता। वह मेरे साथ ही सोती थी तो मैं उन दोनों के स्तनों पर अपने हाथ रख कर सो जाता और मेरा जब भी मन करता तो उन्हें अच्छे से चोदा देता। मेरे लिए तो यह एक सपना पूरा होने जैसा ही है क्योंकि मैं घर पर अकेला था अब वह दोनों मेरे साथ सोती थी।

कृपया कहानी शेयर करें :