बुक स्टोर वाली भाभी की चूत मारी


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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पुनीत है | मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ | आज जो कहानी मैं आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना पर आधारित है | बात उन दिनों की है जब मैं 20 साल का था | मेरे घर के पड़ोस में एक बुक स्टोर था | जहाँ मैं मैं कापी-किताबे खरीदने जाया करता था | शॉप पे एक भाभी बैठती थी | वो बहुत ही मस्त थी उनकी उम्र लगभग 30 साल होगी | उनका फिगर 34-30-36 था | वो बहुत ही मजाकिया किस्म की औरत थी | भाभी का रंग एक दम गोरा था | और उनके बूब्स बहुत मस्त थे और वो अक्सर साडी पहनती थी | उनकी मस्त चूतड देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा होने लगता था |

वो हमेशा मुझसे से मजाक किया करती थी | कभी मेरे गाल नोच लिया करती कभी मेरे चूतडो पर हाथ मार देती | एक दिन की बात है मैं उनकी शॉप पे कुछ सामान लेने के लिए गया | भाभी कोई किताब पढ़ रही थी | उनका पूरा ध्यान किताब पर था | मुझे कुछ शरारत सूझी | मैं चुपचाप उनकी शॉप में घुस गया | मैंने देखा की भाभी जो किताब पढ़ रही थी उसमे नंगी तस्वीरे थी | वो कोई सेक्स स्टोरी की किताब पढ़ रही थी | मैं उनके पीछे खड़ा होकर देखने लगा | उनको देख कर मेरा लंड भी खड़ा होने लगा | तब तक उन्होंने ध्यान दिया और मुझसे पूछा की पुनीत क्या चाहिए | मैं एकदम हडबडा गया मैंने कहा की भाभी मुझे किताब चाहिए | उन्होंने मुझे किताब लाकर दी | उनका पूरा ध्यान मेरी पैंट पर था | वो मेरी तनी हुई पैंट को बड़े ध्यान से देख रही थी | किताब देते समय उन्होंने अपना हाँथ मेरे लंड पर लगा दिया | मैं एकदम काँप उठा पर मैंने खुद को कंट्रोल किया और चला आया |

मैं समझ गया था की वो मेरे लंड की भूंखी है | उसदिन से मैं जब भी उनकी शॉप पे जाता तो मुझे कामुक निगाहों से देखा करती थी | एक दिन मैंने हिम्मत करके उनसे कहा की भाभी आप उस किताब में क्या देख रही थी | उन्होंने मुझसे कहा की जा वो सब तेरे काम की चीज नहीं है | मैंने उनसे कहा की भाभी अगर आप बुरा ना माने तो एक बात कहूँ | तो उन्होंने कहा चल बोल क्या बात है | मैंने कहा की आप बहुत सुन्दर है और आप मुझे बहुत अच्छी लगती है | तो उन्होंने मुझसे शर्माते हुए कहा की चल झूठे तू बहुत शरारती हो गया है | मैंने उनसे कहा की मैंने तो अभी कोई शरारत नहीं की आप ने मौका ही नहीं दिया | उन्होंने मुझसे कहा अच्छा तो तू मेरे साथ शरारत करना चाहता है और मुस्कुराने लगी | मैं समझ गया की लाइन साफ़ है मैंने देखा की हम दोनों के आलावा शॉप पे कोई नहीं था | मैंने उनके बूब्स पर अपना हाँथ रखा और दबा दिया | उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया | मैं उनके बूब्स को सहलाने लगा वो भी मेरा लंड सहला रही थी | मेरा लंड बहुत जोर से तन गया था |

तब तक उनका नौकर आ गया हम दोनों एकदम शांत हो गये | फिर उन्होंने मुझसे कहा की पुनीत चल मैं तुमको चाय पिलाती हूँ | उन्होंने नौकर से शॉप सम्हालने को कहा फिर हम दोनों उनके घर में चले गए | उनके घर में कोई नहीं था उनके पति जॉब करते थे और वो अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे | मैं उनके ऊपर भूंखे शेर की तरह झपट पड़ा और उनके मम्मो को सहलाने लगा | वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहलाए जा रही थी | उन्होंने अपनी साडी निकाल दी और वो मेरे सामने ब्लाउस और पेटीकोट में आ गयी क्या खूब लग रही थी भाभी | मैंने उनके बूब्स को मसलना सुरु किया और एक हाँथ उनकी चूत पर रख दिया और उनके पेटीकोट के ऊपर से ही सहलाने लगा | उनके मुहँ से आह्ह्ह्ह उह्ह्ह की सिस्कारियां निकलने लगी फिर धीरे-धीरे मैंने उनके ब्लाउस को खोल दिया और उनका पेटीकोट उतारने लगा |

उनके पेटीकोट की गाँठ नहीं खुल रही थी मैंने जोर लगा के उसको तोड़ दिया और उनका पेटीकोट निकाल कर फेंक दिया | उन्होंने काले रंग की ब्रा-पैंटी पहन रखी थी | क्या मस्त लग रही थी भाभी मैंने उनको बेड पर लिटाया और उनकी ब्रा खोलकर उनकी चूचियों को धीरे-धीरे मसलने लगा | भाभी मदहोश होने लगी मैंने अपना मुहँ उनके बूब्स पर रखा और उनके निप्पल्स को अपनी जीभ से सहलाने लगा | भाभी एक दम पागल हुई जा रही थी | मैंने उनकी चूचियों को मसलकर लाल कर दिया था | फिर मैंने उनकी पैंटी निकाल दी उनकी चूत क्या मस्त थी | उनकी गुलाबी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैं उनकी चूत को सहलाने लगा वो गरम हो चुकी थी | मैंने अपना मुहँ उनकी चूत पर रखा और धीरे-धीरे उनकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा | भाभी मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी | मैं उनकी चूत को चाटे जा रहा था | उनको बहुत मज़ा आ रहा था मैंने उनकी चूत को लगभग 20 मिनट तक चाटा फिर वो झड गयी और मैंने उनकी चूत के रस का पान किया और उनकी चूत को चाट कर साफ़ किया |

अब भाभी उठी और मेरे कपडे निकालने लगी | उन्होंने मुझे धक्का देकर बेड पर लिटा दिया और मेरी शर्ट निकाल कर फेंक दी फिर उन्होंने मेरी पैंट खोल दी और मेरी अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | उन्होंने मेरी अंडरवियर निकाल दी वो मेरे 8 इंच के लंड को देख कर बहुत खुश हुई | उन्होंने मुझसे कहा पुनीत तेरा लंड तो बहुत मस्त है | मैंने आज तक ऐसा लंड नहीं देखा | मैंने कहा भाभी आज से ये तुम्हारा है जो मर्जी हो वो करो फिर वो मेरे लंड को अपने हांथों से ऊपर नीचे करने लगी और उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया और चूसने लगी | वो मेरे लंड को बहुत अच्छी तरीके से चूस रही थी |

मैंने आज तक किसी को अपना लंड नहीं चुसाया मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था | वो मेरे लंड को बिलकुल लोलीपॉप की तरह चूस रही थी | मैं धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा रहा था और उनके मुहँ को चोद रहा था | 15 मिनट तक उन्होंने मेरा लंड चूसा उसके बाद मैं झडने वाला था | मैंने कहा भाभी मैं झड़ने वाला हूँ भाभी ने मुझसे मुहँ में ही झड़ने को कहा | मैंने उनके मुहँ में ही पिचकारी छोड़ दी उनका पूरा मुहँ वीर्य से भर गया | भाभी ने मेरा सारा माल गटक लिया और मेरे लंड को चाटकर साफ़ कर दिया | फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए वो मेरे लंड को चूसने लगी और मैं उनकी चूत को चाट रहा था | मैंने उनकी चूत में अपनी ऊँगली डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा | भाभी ने मेरे लंड को चूस कर फिर खड़ा कर दिया था | अब भाभी फिर से गरम हो चुकी थी |

उन्होंने मुझसे कहा की बस अब मुझे मत तडपाओ मेरे राजा प्लीज अपना लंड मेरी चूत में डालकर इसकी प्यास बुझा दो | फिर मैंने उनकी दोनों टांगो को फैलाया और उनकी चूत पर अपना लंड रख कर रगड़ने लगा | भाभी मदहोश होने लगी वो अपनी चूचियों को अपने हांथो से मसलने लगी | थोड़ी देर लंड उनकी चूत पर रगड़ने के बाद मैंने एक झटके में उनकी चूत में आधा लंड उतार दिया | भाभी की चीख निकल गयी उन्होंने कहा की पुनीत मुझे दर्द हो रहा है | पर मैंने भाभी की एक भी बात नहीं सुनी और धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा | थोड़ी देर बाद भाभी भी मेरा साथ देने लगी | मैं भाभी की चूत मारे जा रहा था और भाभी मुझे जोर-जोर से गालियाँ दे रही थी वो कह रही थी मार भोसड़ी के मेरी चूत और इसे फाड़ डाल आज तक तेरे जैसा मैंने लंड नहीं देखा मेरे पति की लुल्ली में मुझे तो मज़ा ही नहीं आता आज तू मेरी बरसो की प्यास बुझा दे और जोर से मार इसको चोदकर भोसड़ा बना दे |

उनके मुहँ से अह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह जोर से मार उम्ह्ह अह्ह्ह की सिस्कारिया निकल रही थी उनकी ये मादक आवाजे सुनकर मुझे और भी जोश आ रहा था मैंने स्पीड और बढ़ा दी और उनको जोर-जोर से चोदने लगा वो अपनी कमर चलाकर मेरा पूरा साथ दे रही थी | मैंने उनको लगभग 20 मिनट तक चोदा उसके बाद उनका शारीर अकड़ने लगा मैं समझ गया की वो झड़ने वाली है | मैंने धक्के लगाने और तेज कर दिए और थोड़ी देर बाद वो झड गयी | पर मैं अभी नहीं झडा था मैंने अपना लंड उनके बूब्स पर निकाल कर रखा और उनके बूब्स को चोदने लगा थोड़ी देर बाद मैं उनके बूब्स पर झड गया हम दोनों एक-दूसरे के ऊपर कुछ देर पड़े रहे फिर हम दोनो ने अपने-अपने कपडे पहने फिर भाभी ने मुझे किस किया और कहने लगी आज तुमने जो मुझे आनंद दिया है आज तक वो मुझे मेरे पति से भी नहीं मिला | फिर मैं अपने घर चला आया उसके बाद मैंने उनको कई बार चोदा और मजे लिए |