दोस्त की बहन की मायूसी


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Hindi sex story, kamukta एक दिन मेरी बहन हमारे घर पर आती है और वह कहती है भैया हम लोग माउंट आबू जाने के बारे में सोच रहे थे तो क्या आप भी हमारे साथ चलेंगे? मैंने अपनी बहन से कहा ठीक है मैं इस बारे में मीरा से बात कर लेता हूं यदि वह आने के लिए मान जाती है तो हम लोग चल पड़ेंगे। मीरा सब्जी लेने के लिए गई हुई थी वह जब घर लौटी तो मैंने उससे पूछा वह कहने लगी हां वैसे भी हम लोग काफी दिनों से कहीं गए नहीं है और बच्चों की भी गर्मी की छुट्टियां पढ़ने वाली हैं तो क्यों ना हम लोग छुट्टियां बच्चों के साथ ही बिताएं। मैंने अपनी बहन से कहा ठीक है हम लोग तुम्हारे साथ चल रहे हैं मीरा बहुत खुश थी क्योंकि हम लोग पिछले साल शिमला गए थे लेकिन एक साथ सब लोग कहीं नहीं गए थे इसलिये वह ज्यादा खुश थी। मीरा मुझसे पूछने लगी हम लोग कब जाएंगे तो मैंने उसे कहा यह तो मुझे भी नहीं पता कि हम लोग कब जाएंगे लेकिन मैं प्रियंका से पूछ लेता हूं कि हम लोग कब जाने वाले हैं।

मैंने उसे फोन किया तो वह कहने लगी भैया इन्होंने सारा अरेंजमेंट करवा दिया है और अगले ही हफ्ते का टूर है मैंने प्रियंका से कहा ठीक है मैं तुम्हारी भाभी को बता देता हूं। मैंने मीरा से कहा अगले हफ्ते का प्लान है तो वह कहने लगी ठीक है मैं तब तक सामान रख देते हूं और जल्दी से हम लोग सारी व्यवस्था कर देते हैं। प्रियंका ने सारा सामान रख दिया और सब कुछ उसने बहुत ही अच्छे से अरेंजमेंट कर दिया था बच्चे भी बहुत ज्यादा खुश थे क्योंकि अहमदाबाद से माउंट आबू कुछ ही घंटों का रास्ता है तो हम लोग बहुत ज्यादा खुश थे। जब हम लोग ट्रेन से जा रहे थे तो ट्रेन में ही मेरी मुलाकात प्राची से हुई प्राची मेरे दोस्त रमन की बहन है वह हमारे बगल में ही बैठी हुई थी प्राची कहने लगी तुम लोग कहां जा रहे हो तो मैंने उसे कहा हम लोग माउंट आबू जा रहे हैं। मैंने उसे अपनी पत्नी मीरा से मिलवाया और अपनी बहन प्रियंका से भी मिलवाया प्राची हमारे कॉलेज में पढ़ती थी इसीलिए मेरी उससे जान पहचान है प्राची भी अपनी फैमिली के साथ थी उसने भी अपने पति से मेरा परिचय करवाया।

उसके पति स्कूल में टीचर है और वह बहुत कम बात कर रहे थे हमारे बच्चों को तो जैसे शरारत करने का मौका चाहिए था वह लोग जब आपस में मिले तो सब लोग ट्रेन में हुड़दंग मचाने लगे और ट्रेन में इधर से उधर भाग रहे थे। मैंने बच्चों को डांटते हुए समझाया कि तुम लोग इधर-उधर कहां जा रहे हो इससे लोगों को परेशानी हो रही है मैंने उन्हें सीट पर बैठने के लिए कहा वह लोग चुपचाप बैठ गए। मेरी पत्नी मीरा कहने लगी बच्चे भी बहुत ज्यादा शरारती हो गए हैं और वह किसी की बात मानते ही नहीं है मैंने अपनी पत्नी से कहा तुम्हे बच्चों को समझाना चाहिए यदि उन्हें समझाया नहीं जायगा तो वह लोग कैसे समझेंगे। प्राची के पति ने कहा हां आप बिल्कुल सही कह रहे हैं बच्चों को डांटना भी जरूरी है और यदि उन्हें समझाया नहीं जाएगा तो वह शैतानियां करने लग जाते हैं। हम लोग माउंट आबू स्टेशन पहुंच चुके थे हम लोग जैसे ही वहां पहुंचे तो हम लोगों को वहां से माउंट आबू जाने के लिए गाड़ी करनी पड़ी मैंने प्राची से कहा तुम भी हमारे साथ ही चलो वह कहने लगी हां हम सब साथ में चलते हैं। हम सब लोगों ने एक गाड़ी वहां से बुक कर ली और जब हम लोग गाड़ी में बैठे तो गर्मी काफी हो रही थी जैसे जैसे हम लोग पहाड़ी चढ़ रहे तो मौसम ठीक होने लगा और गर्मी थोड़ी कम होने लगी थी। मैं इससे पहले भी अपने कॉलेज के टाइम में माउंट आबू आया था उस वक्त भी हम लोगों ने बहुत मस्ती की थी प्राची मुझसे कहने लगी तुम तो शायद मैं रमन के साथ यहां आए थे। मैंने उसे कहा हां मैं रमन के साथ कॉलेज के टाइम में आया था और उस वक्त हम लोगों ने खूब मस्ती की थी और जमकर एंजॉय किया। प्राची से मेरी बात कॉलेज के समय में ही हुई थी रमन तो अब कम ही मिल पाता है क्योंकि वह चेन्नई में जॉब करता है और वह घर कम ही आता है लेकिन उससे मेरी फोन पर बात हो जाया करती थी। हम लोग माउंट आबू पहुंच गए मैंने प्राची से पूछा तुम लोग कहां रुके हुए हो तो वह कहने लगी हम लोगों ने होटल बुक किया था। वह लोग वहां से चले गए मेरी बहन के पति ने भी होटल बुक किया हुआ था हम लोग भी होटल में चले गए और कुछ देर हम लोगों ने आराम किया।

मेरे बच्चे कहने लगे कि हमें बहुत भूख लग रही है तो मैंने मीरा से कहा क्या तुम भी कुछ खाओगी तो वह कहने लगी हां मुझे भी बहुत तेज भूख लग रही है। हम लोगों ने सोचा कि क्यों ना सब लोग लंच कर लेते हैं इसलिए हम लोग वहां से बाहर चले आए और कुछ ही दूरी पर एक बढ़िया सा रेस्टोरेंट था हम लोग वहां जाकर बैठ गए हम लोगों ने खाना ऑर्डर किया। जब तक खाना आता तब तक हम लोग बात कर रहे थे और कुछ ही देर बाद खाना आ गया हम सब लोगों ने साथ में लंच किया और बच्चे भी बहुत ज्यादा खुश दबक्योंकि बच्चों को तो अपनी छुट्टियों का पूरा इंजॉय करना था। हम लोग जब खाना खाकर वापस लौटे तो मैंने देखा जिस होटल में हम लोग रुके थे उनका एक छोटा सा पार्क था और वहां पर उन्होने झूले लगा रखे थे बच्चों को तो जैसे खेलने का बस एक बहाना चाहिए था और वह लोग वहां खेलने के लिए चले गए। मौसम भी अब ठीक हो चुका था हम लोग भी वहीं सीट में बैठ गए मैं और मेरी पत्नी साथ में बैठे हुए थे बच्चे भी एंजॉय कर रहे थे। मीरा कहने लगी शादी को कितने साल हो गए कुछ मालूम ही नहीं पड़ा और बच्चे भी बड़े होने लगे हैं मैंने मीरा से कहा जब पहली बार हम लोग मिले थे तो उस वक्त हम लोगों ने अच्छे से एक दूसरे से बात भी नहीं की थी।

मीरा मुझे कहने लगी आप तो कितना ज्यादा शर्मा रहे थे मैंने आपसे बात की थी मैंने मीरा से कहा उस वक़्त कुछ और समय था और अब तो समय ही बदल चुका है बच्चे भी बिल्कुल शर्माते नहीं है और सब कुछ बदलता जा रहा है। मीरा मुझे कहने लगी मुझे तो बहुत तेज नींद आ रही है मैं सोने जा रही हूं मैंने मीरा से कहा अब कोई सोने का टाइम है वह कहने लगी मुझे बहुत नींद आ रही है मैं कुछ देर सो जाती हूं तब तक तुम बच्चों का ध्यान रखो। मीरा अंदर चली गई और वह सो गई मैं बच्चों को देख रहा था और वहीं बैठा हुआ था  प्रियंका और उसके पति भी बगल वाली बेंच में बैठे हुए थे और वह दोनों आपस में बात कर रहे थे तब तक मुझे रमन का फोन आया और मैंने उनका फोन उठाते हुए उससे पूछा तुमने मुझे आज फोन कैसे किया। वह कहने लगा मुझे प्राची ने बताया कि तुम माउंट आबू गए हुए हो तो मैंने सोचा मैं तुम्हें फोन करता हूं मैंने रमन से कहा तुमने ठीक किया जो मुझे फोन कर दिया रमन और मेरी बात होती रही रमन से मेरी बात काफी समय बाद हो रही थी। मैंने रमन से कहा तुम मुझे प्राची का नंबर दे देना मैं उसका नंबर लेना भूल गया उसने मुझे कहा ठीक है मैं तुम्हें उसका नंबर मैसेज कर दूंगा। रमन ने मुझे प्राची का नंबर मैसेज कर दिया बच्चे भी अभी खेल रहे थे और हम लोग साथ में बैठे हुए थे। मैंने सोचा मैं प्राची को फोन कर देता हूं मैंने जब प्राची को फोन किया तो वह कहने लगी मैं तुमसे तुम्हारा नंबर लेना भूल गई मैंने उससे कहा कोई बात नहीं रमन ने मुझे फोन किया था मैंने सोचा तुमसे मैं बात कर लूं। प्राची कहने लगी तुम यहां होटल में आ जाओ मैं तुम्हें पता बता देती हूं हम लोग कौन से होटल में रुके हैं उसने मुझे अपना रूम नंबर और होटल का नाम मैसेज में भेज दिया।

मैं उसके पास चला गया मीरा उठ चुकी थी और वह बच्चों का ध्यान रख रही थी प्रियंका मीरा के साथ ही थी मैं जब प्राची से मिलने गया तो प्राची और उसके पति एक ही रूम में बैठे हुए थे लेकिन उसके पति उससे ज्यादा बात नहीं कर रहे थे वह कहने लगी मैं अभी आता हूं और वह बाहर चले गए वह बच्चों को अपने साथ लेकर चले गए। मैंने प्राची से पूछा तुम्हारे पति का नेचर मुझे कुछ अजीब ही लगा उसने मुझे कोई जवाब नहीं दिया उसने छोटी सी निक्कर पहनी हुई थी मुझे प्राची की जांघ साफ दिखाई दे रही थी उसकी मोटी जांघ देखकर मै उत्तेजित होने लगा। मैंने अपने हाथ को उसकी जांघों पर रखा तो वह मचलने लगी मैंने जैसे ही उसकी योनि को अपने हाथ से दबाया तो वह मेरी तरफ आई और मेरी गोद में बैठ गई। हम दोनो एक दूसरे के आगोश में आ चुके थे मैंने उसके स्तनों को दबाया और उसने मेरे लंड को दबाना शुरू किया मैंने जब अपने लंड को प्राची के मुंह के अंदर डाला तो वह उसे भूखी शेरनी की तरह चूसने लगी।

मैंने उसे घोड़ी बनाया और घोड़ी बनाते ही मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया मैं बड़ी तेज गति से उसकी चूत मार रहा था वह मेरा पूरा साथ देती। मैंने उसकी गांड में अपनी उंगली को डाल दिया था वह बड़े अच्छे से मेरा साथ दे रही थी, मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसकी गांड के अंदर घुसा दिया लेकिन उसे कुछ महसूस ही नहीं हुआ। मैंने जब उसे तेजी से धक्के देने शुरू किए तो वह चिल्ला उठी जब मैं उसकी गांड के अंदर बाहर लंड को कर रहा था तो उसे बड़ा अच्छा लग रहा था मैंने उसे कसकर पकड़ा हुआ था वह हिल भी नहीं पा रही थी। मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के मार रहा था मेरे धक्को से उसका पूरा शरीर हिल जाता लेकिन मैं उसकी गांड की आग को ज्यादा देर तक नहीं झेल पाया मेरा वीर्य पतन हो गया, हम लोगों ने माउंट आबू में बहुत एंजॉय किया।

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