हमेशा फोन का इंतजार करती


hindi sex stories, kamukta मेरा नाम गीतांजलि है और मैं पटना की रहने वाली हूं मेरी उम्र 28 वर्ष है। मेरे पिताजी के देहांत के बाद मेरी कॉलेज में नौकरी लग गई क्योंकि मेरे पिताजी भी कॉलेज में नौकरी किया करते थे और जिस वक्त वह नौकरी पर थे उसी वक्त उन्हें हार्ट अटैक का दौरा पड़ा जिससे कि उनकी मृत्यु हो गई क्योंकि हम लोग तीन बहने हैं और तीनों में से मैं सबसे बड़ी हूं इसलिए मेरी नौकरी पिताजी की जगह लग गई, मैंने जब कॉलेज में ज्वाइन किया तो सब लोग मुझे कहते कि तुम्हारे पिताजी बड़े ही अच्छे इंसान थे, सब लोग मेरे पिताजी की बड़ी तारीफ किया करते हैं और उनकी ईमानदारी की मिसाल दिया करते। मुझे कॉलेज में कुछ ही समय हुआ था और मैं सबके साथ घूलने मिलने लगी, कॉलेज इलेक्शन भी नजदीक थे, जब कॉलेज के चुनाव होने थे तो उस दौरान मेरी मुलाकात लक्ष्य से हुई लक्ष्य कॉलेज के चुनाव में उठा हुआ था और मैं जब भी उसे देखती तो मैं हमेशा उसे ही देखती रहती क्योंकि वह इतना ज्यादा हैंडसम था कि उसके पीछे मैं पूरी पागल हो गई लेकिन यह प्यार सिर्फ एक तरफा ही था मैं लक्ष्य से बात तो करना चाहती थी लेकिन मैं उससे बात नहीं कर पाई।

कुछ समय बाद लक्ष्य कॉलेज का चुनाव भी जीत गया और जब वह कॉलेज का चुनाव जीता तो उसके बाद वह कॉलेज के मुद्दों में ही लगा रहता, जिस वक्त उसका कॉलेज पूरा हुआ उसके बाद वह काफी समय तक कॉलेज में नहीं दिखा मुझे भी कॉलेज में काम करते हुए काफी समय हो चुका था लेकिन मेरे जीवन में कुछ भी नया नहीं था, मैं एक दिन सोचने लगी कि मुझे कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लेनी चाहिए और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहिए मैंने भी कॉलेज से छुट्टी ले ली और कुछ समय के लिए हम लोग घूमने के लिए बनारस चले गए, जब मैं और मेरा परिवार बनारस गए तो वहां पर ही मेरी मम्मी की पुरानी सहेली रहती हैं हम लोग कुछ दिनों के लिए उनके घर पर भी रुके मैं अपनी बहनों के साथ समय बिता कर बहुत खुश थी तो मेरी मां मुझे कहने लगी कि बेटा तुम्हारी शादी की उम्र भी हो चुकी है और अब तुम्हारी शादी हमें करवा देनी चाहिए, मैंने अपनी मां से कहा कि मैं अभी शादी नहीं करना चाहती मुझे कुछ और समय चाहिए, मम्मी मुझे कहने लगे कि बेटा तुम्हें शादी तो करनी ही पड़ेगी और वैसे भी अब तुम्हारी उम्र होने लगी है, मैंने मम्मी से कहा कि अभी आप यह बात ना करें हम लोग घूमने आए हैं और आप घूमने का मजा किरकिरा मत करो।

जब हम लोग अपने घर पटना लौट आए तो मैं एक दिन घर पर ही थी मैंने उस दिन देखा लक्ष्य कहीं से आ रहा था और मैं भी अपने घर से बाहर दुकान की तरफ चली गई मैं जब अपने घर के बाहर दुकान पर गई तो वहां पर मुझे लक्ष्य मिला, मैंने लक्ष्य से पूछा आजकल तुम क्या कर रहे हो तो वह कहने लगा मैं आजकल अपने पिताजी का काम संभाल रहा हूं, मैंने उसे पूछा तुम्हारे पिता जी का क्या काम है तो वह कहने लगा मेरे पिता जी का प्रॉपर्टी का काम है और उनके काम में मैं आजकल उनका साथ दे रहा हूं। पहले तो उसने मुझे पहचाना नहीं लेकिन जब मैंने उसे अपना परिचय दिया कि मैं तुम्हारे कॉलेज में क्लर्क हूं तो वह कहने लगा मेरी आपसे शायद ज्यादा मुलाकात नहीं हो पाई, मैंने उसे कहा हां, उस दिन लक्ष्य से मेरी काफी बात हुई और लक्ष्य ने मेरा नंबर भी ले लिया मुझे लक्ष्य से बात करके बड़ा ही अच्छा लगा और वह उसके बाद वहां से चला गया मैं जब घर लौटी तो मैं बहुत खुश थी और मैंने यह बात अपनी छोटी बहन को बताई, मैंने जब उसे लक्ष्य के बारे में बताया तो मेरी बहन कहने लगी कि अच्छा तो आप यह गुल खिला रही है, मैंने अपनी बहन से कहा लेकिन मैं सिर्फ लक्ष्य से एकतरफा प्यार करती हूं लक्ष्य को उसके बारे में कुछ पता ही नहीं है और इसी वजह से तो मेरी उससे कभी भी बात नहीं हो पाई लेकिन आज जब वह मुझे दिखा तो मैं भी उससे बात करने से अपने आप को रोक ना सकी और मैंने लक्ष्य से बात कर ली, मेरी बहन कहने लगी चलिए अब आपके पास लक्ष्य का नंबर तो आ ही चुका है आप उसे हमेशा मैसेज किया कीजिए कभी ना कभी तो वह आपको रिप्लाई कर ही देगा।

मैंने अगले दिन से लक्ष्य को हमेशा मैसेज भेजना शुरू कर दिए लेकिन कुछ ही समय बाद उसका मैसेज का रिप्लाई मुझे आने लगा लक्ष्य और मैं फोन पर बातें करने लगे थे मैंने लक्ष्य से एक दिन अपने दिल की बात कह दी लेकिन लक्ष्य उस वक्त पटना से कहीं बाहर गया हुआ था उसने मुझे कहा कि यह संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि मैं किसी और लड़की से प्रेम करता हूं, मैंने लक्ष्य से कहा कि लेकिन मैं तो तुमसे ही प्यार करती हूं, लक्ष्य ने मुझे समझाया और कहने लगा देखो यह संभव नहीं है क्योंकि मैं जिस लड़की से प्रेम करता हूं मैं उसी से शादी करना चाहता हूं और उसी के साथ मैं अपना जीवन बिताना चाहता हूं, लक्ष्य ने मुझे कहा कि मैं जब पटना आऊंगा तो तुमसे जरूर मिलूंगा। कुछ समय बाद लक्ष्य पटना लौट आया और उसने मुझे फोन किया मैं उस वक्त कॉलेज में थी लक्ष्य मुझे कहने लगा कि जब आप कॉलेज से फ्री हो जाओ तो मुझे फोन करना मैं आपसे मिलना चाहता हूं लेकिन मुझे क्या पता था कि मैं जब लक्ष्य से मिलूंगी तो वह मुझे साफ तौर मना कर देगा।

मैं जब लक्ष्य से मिली तो वह मुझे समझाते हुए कहने लगा देखिए आप उम्र में हमसे बड़े हैं और मैं किसी और लड़की से प्यार करता हूं शायद मैं आपके प्यार को स्वीकार नहीं कर पाऊंगा, मैंने कहा लेकिन मैं तो तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करती हूं, लक्ष्य कहने लगा मुझे पता है कि आप मुझसे बहुत प्यार करती हैं लेकिन मैं आपका साथ नहीं दे सकता हम लोग एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन कर रह सकते हैं पर शायद यह संभव नहीं हो पाएगा और फिर लक्ष्य वहां से चला गया, जब लक्ष्य वहां से चला गया तो मैं फूट-फूट कर रोने लगी उस दिन मैं अपने घर चली गई मेरा किसी से भी बात करने का मन नहीं था क्योंकि मैं अंदर से पूरी तरीके से टूट चुकी थी मैंने अपने जीवन में पहली बार ही किसी से प्यार किया था और उसने भी मेरे प्यार को ठुकरा दिया था इस वजह से मैं बहुत ही निराश थी लेकिन मैं किसी भी सूरत में लक्ष्य को पाना चाहती थी और इसके लिए मैं उसे लगातार मैसेज करती रही लेकिन लक्ष्य ने उसके बाद मुझे कभी भी मैसेज नहीं किया और ना ही उसका मुझे रिप्लाई आया, मैंने लक्ष्य को मैसेज भेजा कि चलो हम लोग एक दूसरे के साथ नहीं रह सकते तो तुम मुझसे बात तो कर सकते हो हम लोग एक दूसरे के अच्छे दोस्त बनकर तो रह सकते हैं, शायद लक्ष्य को यह बात अच्छी लगी और उसने मुझे रिप्लाई किया और कहा कि हम लोग अच्छे दोस्त बनकर रह सकते हैं लेकिन उससे ज्यादा मैं और कुछ भी नहीं दे सकता क्योंकि मैं जिस लड़की से प्रेम करता हूं वह भी मुझसे बेइंतहा प्यार करती है, मैंने लक्ष्य से कहा अब हम लोग इस बात को भूल कर एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन ही सकते हैं। लक्ष्य और मैं अब एक अच्छे दोस्त बन चुके थे मैं लक्ष्य से जब भी मिलती तो उसे देखकर मेरा प्यार जाग जाता और मुझे मन करता कि मैं उसे गले लगा लूं। एक दिन मैंने लक्ष्य को अपनी नंगी तस्वीर भेज दी। वह मुझे कहने लगा यह किसकी तस्वीर है मैंने उसे कहा यह मेरी फोटो है। लक्ष्य मुझे कहने लगा तुम्हें शर्म नहीं आती लेकिन लक्ष्य भी अपने आपको कहीं ना कहीं अंदर से रोक ना सका। वह मुझसे मिलने के लिए बेताब होने लगा उसने मुझे एक दिन अपने पास ही बुला लिया। मैं जब उसके ऑफिस में गई तो उसका ऑफिस बहुत बड़ा था उसके पापा वह ऑफिस संभालते हैं।

वह मुझे कहने लगा तुम फोटो में तो बड़ी गजब लगती हो। मैंने उसे कहा हां आखिरकार यह मेरे जलवे हैं उसने मुझे गले लगाते हुए कहा लगता है आज तुम्हारी गर्मी को निकालना ही पड़ेगा। मैंने उसे कहा चलो कम से कम तुमने मेरी तरफ देखा तो सही नहीं तो तुम तो सिर्फ एक ही राग अलापते रहते हो कि तुम अपनी प्रेमिका से प्रेम करते हो। तुम मुझे भी तो अपने दिल में जगह दे सकते हो। वह कहने लगा चलो आज देखते हैं मैं तुम्हें अपने दिल में कितनी जगह दे सकता हूं। उसने मेरे होठों को चूमा और मेरे स्तनों को दबाने लगा, जब वह मेरे स्तनों को दबाता तो मुझे भी अच्छा महसूस होता। उसने काफी देर तक मेरे स्तनों को दबाना जारी रखा, जब उसने अपने लंड को निकाला तो मैंने उसको अपने मुंह में लेना शुरू कर दिया।

उसे बहुत अच्छा लग रहा था उसने जब मुझे नंगा किया तो मैं मचलने लगी। वह मुझे कहने लगा तुम्हारा बदन वाकई में गजब का है उसने मेरी गांड को दबाना शुरू किया। उसने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा किया, जैसे ही उसने मेरी चूत पर अपनी जीभ को लगाना शुरू किया तो मैं मचलने लगी वह अपनी जीभ को मेरी चूत पर रगडने लगा मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी चूत में डाला तो मुझे बहुत दर्द महसूस होने लगा और मजा भी आने लगा। मुझे नहीं पता था कि लक्ष्य मुझे इतनी अच्छी तरीके से चोदेगा, वह मेरी चूत में अपने लंड को अच्छे से डालता रहता, मुझे भी बहुत मजा आता। लक्ष्य ने मेरे साथ 10 मिनट तक संभोग किया, मैंने लक्ष्य को कहा क्या तुमने मुझे अपने दिल में बसा लिया है। वह कहने लगा आज के बाद तुम भी मेरे दिल में हो, तुम्हारे जैसे टाइट फिगर वाली लड़की को भला कौन छोड़ना चाहता है वह मुझे चोदकर बहुत खुश था। मैंने भी उसके दिल में अपने लिए जगह बना ली थी इसलिए कहीं ना कहीं मैं भी बहुत खुश थी। जब भी मुझे लक्ष्य का फोन आता तो मैं उसे मिलने के लिए चली जाती। जब भी हम दोनों मिलते तो एक दूसरे के साथ जरूर सेक्स किया करते जिससे कि हम दोनों को ही मजा आता।

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