ज्योति की सील तोड़ने का पहला अनुभव


kunwari choot हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मोनू है और में जयपुर का रहने वाला हूँ। दोस्तों वैसे फिर मुझे शुरू से ही सेक्स में बड़ी रूचि रही है इसलिए मुझे सेक्स करने में बहुत मज़ा आता था, लेकिन जब से मुझे सेक्सी कहानियों के बारे में पता चला तो में ख़ुशी से झूम उठा और आप सभी की तरह मैंने भी पिछले कुछ सालों में ना जाने कितनी कहानियों के मज़े लिए। वो सभी अच्छे लगने के साथ साथ मेरे मन को भा गई। दोस्तों आज में आप सभी चाहने वालों के साथ अपनी एक सच्ची घटना को लिखकर बताने के लिए आया हूँ। अब में कहानी को सुनाना शुरू करता हूँ और मुझे उम्मीद है कि यह सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मेरे दो घर है और वो दोनों पास ही है, लेकिन उनमे से एक घर मैंने किराए से दिया हुआ है और दूसरे घर में हम सभी घर वाले रहते है। हमारे दूसरे घर में एक आंटी रहती है, उनकी एक लड़की है जिसका नाम ज्योति है। पहले वो जब छोटी थी वो करीब 16 साल की थी, तब में उस पर इतना ध्यान नहीं देता था, लेकिन जब वो 18 की हुई मेरा ध्यान धीरे धीरे उसकी तरफ जाने लगा।
फिर में उसको देखने बातें करने लगा था, जिसका वो भी मुझे बहुत हंस हसंकर जवाब देने लगी थी जिससे में समझ चुका था कि वो भी अब मुझे लाईन देने लगी थी। उसका बदन बहुत अच्छे आकार का था और उसका रंग बहुत साफ बूब्स आकार में थोड़े बड़े थे और गांड भी दिखने में बहुत अच्छी थी। दोस्तों यह उसकी चढ़ती जवानी थी, इसलिए धीरे धीरे उसका पूरा बदन अब अपना आकार बदलने लगा था। में उसके गोरे रंग सुंदर गोल चेहरे आकार में बड़ी आखों को देखकर बहुत प्रभावित हुआ, वैसे उसका वो पूरा जिस्म ऊपर से लेकर नीचे तक बड़ा ही आकर्षक था और उस वजह से में उससे मन ही मन प्यार करने लगा था और वो मुझे पसंद आने लगी थी। एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, बस में अकेला ही था। तभी कुछ देर बाद वो हमारे घर फ़्रीज़ में कुछ सामान रखने आ गई। फिर में उसकी आवाज को सुनकर अपने कमरे से बाहर निकला और मैंने उसको देखा, उसने भी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसने मेरी तरफ आँख मारी और उसके बाद वो चली गई। दोस्तों में उस घटना के बाद फिर बिल्कुल पागल हो गया और मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था।

अब मैंने मन ही मन में सोचा कि क्यों ना आज इसके साथ कुछ किया जाए? मुझे इस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाना चाहिए ऐसा मौका मुझे दोबारा कभी नहीं मिलेगा। फिर में अब अपने घर के बाहर बैठकर उसके वापस आने का इंतज़ार करने लगा और कुछ देर करीब दस मिनट तक बैठे रहने के बाद वो वापस आ गई और अब वो चुपचाप सीधी अंदर चली गई। फिर में भी उसके पीछे पीछे अंदर चला गया। मैंने देखा कि वो अब नीचे झुककर फ़्रीज़ से कुछ सामान निकाल रही थी और जिसकी वजह से मुझे पीछे खड़े होकर उसकी गोल गोल गांड नजर आ रही थी। अब में उसको देखकर एकदम पागल हो गया और फिर में अपने आपको रोक ना सका, इसलिए मैंने जोश में आकर तुरंत ही उसको पीछे से पकड़कर उसके मुहं पर अपने एक हाथ को रखकर उसका मुहं बंद कर लिया और जिसकी वजह से उसकी आवाज बाहर तक ना जा सके। फिर में उसको पीछे से अपनी बाह में भरकर उठाकर अपने रूम में ले गया और उसके बाद में उसको अपनी तरफ घुमाकर सामने वाली दीवार की तरफ धक्का देते हुए पूरी तरह से अपनी पकड़ में जकड़कर मैंने उसको चूमना शुरू किया।
उस समय मेरा एक हाथ उसकी गर्दन पर बालो को पकड़े हुए था और अपने दूसरे हाथ से मैंने उसकी कमर को जकड़े हुए अपनी बाहों में भरा हुआ था। दोस्तों इसलिए उसका मेरी उस मजबूत पकड़ से निकलकर जाना बड़ा मुश्किल था और वो मेरी कैद में आकर छटपटा रही थी। दोस्तों मैंने कुछ देर बाद महसूस किया कि वो मेरे सामने झूठा नाटक करने लगी थी, लेकिन फिर थोड़ी ही देर में उसने मेरा साथ देना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसको चूमते हुए ही अब उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से ही दबाना शुरू किया और ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। फिर कुछ देर बाद वो भी अब मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। में लगातार उसके बूब्स की मसाज करते हुए निप्पल को दबाकर उसके बदन को जोश में लाने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने देखकर महसूस किया कि वो अब जोश में आकर सिसकियाँ लेने लगी थी, जिसका मतलब साफ था कि वो अब गरम हो चुकी है। फिर मैंने वो सही मौका देखकर तुरंत ही उसकी सलवार के अंदर अपने एक हाथ को डाल दिया और उसके बाद मेरा लंड झटके देने लगा, क्योंकि उसकी वो चूत बहुत गरम होने के साथ साथ एकदम चिकनी भी थी। फिर इसलिए में उसकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा और ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन वो फिर एकदम पागल हो चुकी थी।
अब में एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से बूब्स को सहलाते हुए उसके रसभरे गुलाबी होंठो का रस चूस रहा था। फिर मैंने कुछ देर बाद उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया, जिसकी वजह से वो सिहर उठी और पागलों की तरह मुझे चूमने लगी, लेकिन उसका वो जोश धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा था। फिर उसकी तेज चलती सांसे धड़कने और चेहरे से बहता पसीना मुझे उसकी हालत को सही तरह से बता रहा था। दोस्तों मेरी बेकार किस्मत ने मेरा साथ आखरी समय पर छोड़ दिया, क्योंकि हम लोग जब यह सब करने में व्यस्त थे। उसी समय उसके छोटे भाई ने उसको आवाज़ देना शुरू किया और वो अंदर भी आने लगा था। फिर मैंने उसको झट से छोड़ दिया और वो वहां से भागकर बाहर चली गई और उसके बाद मुझे बहुत दिनों तक ऐसा कोई अच्छा मौका नहीं मिला, जिसका फायदा उठाकर में उसके साथ ऐसा ही कुछ कर सकता। दोस्तों इस बीच जब भी वो मुझसे अकेले में मिलती तो में उसको जबरदस्ती पकड़कर उसके बूब्स को दबा लेता या उसकी चूत को कपड़ो के ऊपर से ही सहला देता और उसके कुछ देर बाद वो छूटकर चली जाती। दोस्तों अब में कब तक ऐसे ही उसके साथ चुदाई करने की इच्छा के लिए तड़पता रहता? क्योंकि अब उसके साथ इतना सब कर लेने की वजह से मेरे अंदर ज्यादा जोश हिम्मत आ चुकी थी और ठीक वैसा ही हाल उसका भी था। वो भी मेरे लंड से अपनी पहली चुदाई करवाने के लिए तरस रही थी।

एक दिन मेरे मामा के घर में महिला संगीत था। इसलिए सभी घर वालो को वहां पर जाना पड़ा और उन्ही दिनों मेरे पेपर थे, जिसकी तैयारी मुझे पूरी करनी थी इसलिए में वहां पर जा ना सका। फिर मेरी इस समस्या को समझकर मेरे घरवालों ने भी मुझसे जाने के लिए ज्यादा ज़िद नहीं की और इस वजह से अब में अपने घर में बिल्कुल अकेला ही था। फिर मैंने उस अच्छे मौका का फायदा उठाकर में सेक्सी फिल्म देख रहा था। तभी कुछ देर फिल्म में चलती चुदाई के द्रश्य को देखकर मेरे मन में ज्योति की चुदाई करने का विचार आ गया और में वो विचार बनाते हुए उसकी चुदाई को सोचते हुए ही गरम होकर जोश में पागल होने लगा था। फिर उस दिन मेरी किस्मत ने भी मेरा साथ दिया और उसी दिन उसकी मम्मी और छोटा भाई किसी काम की वजह से कुछ घंटो के लिए बाजार चले गये और जिसकी वजह से वो भी अपने घर में अकेली थी। अब में उनके घर में गया और देखा कि वो बड़े आराम से बिना किसी चिंता के सो रही थी। मैंने हिम्मत करके सीधा जाकर उसके बूब्स को पकड़ लिया और अपने एक हाथ से मैंने उसका मुहं भी बंद कर लिया और फिर मैंने उससे कहा कि चुप रहो तुम अभी मेरे रूम में आकर पांच मिनट के बाद मुझसे मिलना।

दोस्तों में उससे यह बात बोलकर वापस अपने घर आकर तुरंत ही दौड़कर जाकर बस पांच मिनट के बाद ही कंडोम ले आया और उसके बाद में अपने घर पहुंच गया। फिर मैंने देखा कि वो भी अब मेरी रूम में पहुंचकर बैठी हुई मेरा इंतजार कर रही थी। दोस्तों मैंने अपने कम्पूटर पर उससे पहले सेक्सी फिल्म चला रखी थी जिसको वो अब बैठकर बड़े मज़े से देख रही थी और देखकर गरम हो रही थी। फिर मैंने कंडोम का पैकेट बेड पर फेंक दिया और में तुरंत ही उस पर भूखे कुत्ते की तरह टूट पड़ा और में उसको बस लगातार चूमे ही जा रहा था और उसके बूब्स और कभी उसकी गांड को भी दबा रहा था। दोस्तों मुझे उसके साथ ऐसा करने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था, मुझे उसके कूल्हे बहुत अच्छे लगते थे। फिर कुछ देर बाद में उससे अलग हो गया, तो वो मुझे बड़े गुस्से से देखने लगी और मैंने उससे कहा कि तुम अब अपने पूरे कपड़े खोल दो, लेकिन तुम अपनी ब्रा पेंटी को मत खोलना। फिर उसने भी खुश होकर बिना देर किए मेरे कहने के अनुसार वैसा ही किया। उसने एक एक करके अपने सारे कपड़े खोल दिए जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने सिर्फ ब्रा पेंटी में खड़ी हुई थी। अब मैंने भी तुरंत ही अपने कपड़े खोल दिए और में उसके सामने बस अंडरवियर में खड़ा हुआ था। फिर में उसको गोद में लेकर कंप्यूटर के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया और उसको मैंने इस तरह से अपनी गोद में बैठाया था कि मेरा लंड ठीक उसकी गांड की दरार में एकदम सेट हो गया।
अब में उसको अपने साथ उस हालत में बैठाकर फिल्म को देखने लगा और में फिल्म को देखते देखते ही उसके कान को चूस रहा था। फिर जिसकी वो गरम होकर अपने मुहं से आहह्ह्ह ऊईईईईई की आवाज़ निकाल रही थी। दोस्तों में सच कहता हूँ अगर आप भी आपकी गर्लफ्रेंड को उसके कान पर चूसोगे तो वो जल्दी ही गरम हो जाएगी और ठीक ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ था। फिर मैंने उसका मुहं थोड़ा सा मेरे मुहं की तरफ लेकर में उसको किस करने लगा और ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया और फिर में उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। अब वो दर्द की वजह से कभी कभी ज़ोर से चीख भी देती। फिर में कुछ देर बाद उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसकी चूत को मसलने लगा, जिसकी वजह से वो धीरे धीरे बहुत गरम होती जा रही थी। तभी उसकी चूत का पानी निकल गया, जिसकी वजह से वो ढीली पड़ गई। अब मैंने उसको सीधा करके मेरी गोद में बैठा लिया और में उसके बूब्स को चूसने लगा। फिर साथ ही दबाने भी लगा, करीब बीस मिनट के बाद में उसको अपने बेड पर ले गया और मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया।

फिर मैंने बहुत ध्यान से उसकी चूत को देखना शुरू किया, दोस्तों उसकी क्या मस्त सुंदर बड़ी ही आकर्षक चूत थी वो एकदम गुलाबी और बहुत मुलायम भी थी। फिर मैंने उसकी चूत को थोड़ा सा खोला और उसकी चूत के अंदर झांककर देखा जो कि एकदम लाल और बड़ी गरम वो एकदम भट्टी की तरह तप रही थी। अब में उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा और वो जोश में आकर सीईईईइ आईईईई करने लगी और कुछ देर बाद वो मेरा मुहं अपनी चूत पर दबाने लगी। फिर में उसका वो जोश देखकर और भी ज़ोर से चूत को चाटने लगा और वो एक बार फिर से झड़ गई और फिर मैंने उसको मेरा लंड हाथ में दे दिया जो कि एकदम सीधा तनकर खड़ा हुआ था। दोस्तों मेरा लंड सात इंच लंबा और तीन इंच मोटा है। वो मेरे लंड को ऐसे देख रही थी कि मानो उसने इससे पहले लंड कभी देखा ही नहीं हो। फिर थोड़ी देर वो मेरे लंड के साथ खेलने लगी थी, मुझसे रहा नहीं गया क्योंकि सेक्सी फिल्म में लंड चूसने का सीन आ रहा था। फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर से दबा दिया, जिसकी वजह से वो चीखने लगी और अब मैंने सही मौका देखकर उसके मुहं में अपना लंड डाल दिया और उसके सर को ज़ोर से पकड़ लिया ताकि वो चाहकर भी मेरा लंड अपने मुहं से बाहर नहीं निकाल पाए।
फिर में उसके मुहं में ही अपने लंड से झटके मारने लगा, थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि में भी अब झड़ने वाला हूँ और उसी समय मैंने अपना लंड उसके मुहं से बाहर निकाल लिया। फिर उसको मैंने बेड पर लेटा दिया और उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया ताकि उसकी चूत भी पूरी फ़ैल जाए और अब मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और एक ज़ोर का झटका मार दिया, लेकिन उसकी चूत सील पेक थी, इसलिए मेरा लंड अंदर नहीं जा सका। फिर मैंने एक तेल काम में लिया, जब मैंने तेल उसकी चूत पर और थोड़ा अंदर लगाया तो वो मुझसे पूछने लगी तुम यह क्या डाल रहे हो बहुत ठंडा है? मैंने उससे कहा कि कुछ नहीं बस में तेल लगा रहा हूँ जिसकी वजह से मुझे और तुम्हे ज्यादा दर्द ना हो। फिर जब मैंने वो तेल मेरे लंड पर लगाया तो मुझे भी ठंडा लगा, लेकिन मुझे उस समय सेक्स की गरमी थी और मैंने एक बार फिर से करना शुरू किया। अब मैंने एक ज़ोर का झटका मारा जिसकी मेरा लंड थोड़ा ही अंदर गया था और वो दर्द की वजह से चीखने लगी। दोस्तों वो अब मुझसे कहने लगी प्लीज तुम अब इसको बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है।
मैंने उससे कहा कि तुम्हे कुछ देर दर्द होगा, उसके बाद फिर सब कुछ कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन वो नहीं मानी वो लगातार वैसे ही दर्द से तड़पती, चिल्लाती रही। दोस्तों मैंने उसको समझाया कि शुरू शुरू में ऐसा ही होता है, लेकिन वो अब भी नहीं मानी और तब मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसका मुहं अपने एक हाथ से दबा दिया। फिर मेरे अंदर जितनी ताक़त थी उस ताक़त से मैंने उसकी चूत में अपने लंड को अंदर डाल दिया और अब मेरा लंड एक जगह अटक गया और अब में तुरंत समझ गया कि वो उसकी सील है। दोस्तों वो मेरे नीचे दर्द से तड़प रही थी रो रही थी, लेकिन मेरे सर पर उसकी चुदाई करने का भूत सवार था, इसलिए मैंने थोड़ा सा लंड बाहर निकाला और फिर एक ज़ोर का झटका दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत की सील टूट गई। अब मुझे कुछ गीला गीला महसूस हुआ और जब मैंने देखा तो उसकी चूत से खून बाहर आ रहा था, लेकिन मैंने उसको नहीं बताया और उसके मुहं से अपने हाथ को हटा लिया, लेकिन मैंने उसको उसी समय होंठो पर चूमना शुरू किया और में ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को चूसने लगा और साथ ही में उसके बूब्स को दबाने लगा।

फिर करीब दस मिनट के बाद वो थोड़ा सा शांत हुई और नीचे से थोड़ा थोड़ा हिलने लगी। अब में तुरंत समझ गया कि वो उसका दर्द अब कम हो गया है, इसलिए मैंने हल्के हल्के धक्के मारने शुरू किए और अब उसको भी थोड़ा सा मज़ा आने लगा। अब वो मेरा जमकर साथ दे रही थी और फिर थोड़ी देर बाद वो एक बार फिर से झड़ गई। उसने मुझे अच्छी तरह अपनी बाहों में जकड़ रखा था। फिर उसी समय मुझे भी लगा कि में भी झड़ने वाला हूँ, इसलिए मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला लिया और कंडोम लगा लिया और फिर उसकी चूत के मुहं पर रखकर दोनों हाथ उसकी कमर के नीचे लेकर उसको ज़ोर से झटका मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया और फिर उसके मुहं से दर्द की वजह से एक जोरदार चीख निकल गई। दोस्तों में अब ज्यादा ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा और अब हम दोनों ही अब मस्ती के सातवें आसमान पर थे और वो भी अब मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। फिर वो फिल्म देखने लगी उस समय फिल्म में घोड़ी की तरह चुदाई का द्रश्य आ रहा था। अब उसने मुझसे वैसे ही करने को कहा तो मैंने खुश होकर उसको अपने सामने घोड़ी बना लिया और उसकी चूत में अपना लंड एक बार में पूरा डाल दिया।
फिर मैंने उसके बाल पीछे से पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा, मुझे इस तरह से चोदने में बहुत मज़ा आने लगा था, लेकिन अब में झड़ने वाला था। मैंने अपनी स्पीड को पहले से भी ज्यादा तेज कर दिया, थोड़ी देर के बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और में उसको लेकर बेड पर गिर गया। बहुत देर बाद हम वापस उठे और एक दूसरे को हमने बहुत चूमा और अपने कपड़े पहने और फिर वो अपने घर चली गई, लेकिन जाने से पहले वो मुझसे वादा करके गई कि अगली बार मौका मिलते ही वो वापस मुझसे चुदवाने आएगी। अब जब भी वो कभी मेरे घर आती है। फिर फ़्रीज़ से ऐसे ही कुछ सामान निकालती है तो अगर में उस समय उसके आगे खड़ा हूँ तब में उसके बूब्स को देखते ही में दबा देता हूँ और अगर में पीछे खड़ा रहता हूँ तो मुझे उसकी मोटी गांड दिखाई देती है और जब भी वो इस तरह से रखती है कि मेरा मन ललचाने लगता है और में तुरंत ही उसकी गांड को ऊपर से ही रगड़ देता हूँ या उसके बूब्स को अच्छी तरह दबा देता हूँ, लेकिन वो अपने मुहं से आह्ह्ह तक भी नहीं करती। फिर जब में उससे हमारी पलही चुदाई के बारे में पूछता हूँ तब वो बोलती है कि में आपकी चुदाई से बहुत खुश हूँ मुझे बहुत मज़ा आया, मौका मिलने पर हम दोबारा चुदाई जरूर करेंगे ।।
धन्यवाद

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