मैडम का लाजवाब हसीन बदन


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kamukta, antarvasna मैं उस समय बहुत दुखी हो गया जब मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई, हमारे घर में पैसों को लेकर बहुत तंगी चलने लगी मेरे पिताजी ही घर में कमाने वाले थे। मेरी मां एक दिन मुझसे कहने लगी बेटा रतन तुम अब कुछ काम कर लो घर में बहुत तकलीफ होने लगी हैं, मैं उस वक्त अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था मैं कॉलेज के प्रथम वर्ष में ही था और फिर मुझे अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी, मैं एक छोटे से गांव का रहने वाला था इसलिए हमारे गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं था मुझे काम के सिलसिले में जयपुर जाना पड़ा जयपुर में मेरे मामा रहते हैं वह जयपुर में किसी कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं उन्होंने मुझे कहा रतन बेटा मैं तुम्हारी नौकरी लगवा देता हूं।

उन्होंने मेरी एक जगह गार्ड की नौकरी लगवा दी, मैं जिस ऑफिस में गार्ड की नौकरी करता था उस ऑफिस में काफी लोग काम करते थे धीरे धीरे मेरी सब लोगों से पहचान होने लगी मेरी मुलाकात उसी ऑफिस में आशा जी से हुई आशा जी ऑफिस में मैनेजर थी और जब उन्होंने मुझे देखा तो वह कहने लगी तुम तो पढ़े-लिखे लगते हो और तुम्हारे बात करने के तरीके से तुम बडे ही अच्छे लड़के लगते हो तुम्हें कोई अच्छी नौकरी करनी चाहिए, मैंने उन्हें कहा मैडम मेरी घर की स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं है और मुझे जो उस वक्त का मिला मैंने वही काम कर लिया मेरे पास बिलकुल भी पैसे नहीं थे। आशा मैडम कहने लगी तुम एक काम करना मुझे कुछ दिनों बाद मिलना, मैं उन्हें कुछ दिनों बाद मिला तो मैंने उन्हें सारा कुछ बता दिया जब मैंने उन्हें अपने बारे में बताया तो वह कहने लगे तुम अब अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर लो उसके बाद तुम काम करना, मैंने उन्हें कहा मैडम मेरे पास कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए पैसे नहीं है, वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हें उसके पैसे दे दूंगी लेकिन तुम अपनी पढ़ाई को मत छोड़ो, मैंने आशा मैडम को कहा मैडम मैं आपसे मदद नहीं ले सकता यदि आप मुझे कोई नौकरी दिलवा सकती हैं तो मैं वहां नौकरी कर लूंगा, उन्होंने मुझे कहा तुम ऑफिस में भी काम कर सकते हो तो मैं तुम्हें ऑफिस में रख देती हूं।

मैं ऑफिस में भी उनका काम करने लगा, मैं सब लोगों से बड़े अच्छे से बात करता था इसलिए सब लोग मुझसे बहुत खुश रहते थे और ऑफिस में कभी भी किसी को कोई जरूरत होती तो सबसे पहले वह लोग मुझे ही आवाज लगाते मेरे बिना तो जैसे सब लोगों का काम ही नहीं होता था। एक दिन आशा मैडम मुझे कहने लगी रतन आज तुम मेरे साथ मेरे घर पर चल सकते हो? मेरे घर में काम है, मैंने उन्हें कहा जी मैडम मैं आपके साथ चलूंगा। मैं जब उनके साथ उनके कार में गया तो आशा मैडम मुझसे बात करने लगी और कहने लगी तुम अब तो काम से खुश हो? मैंने उन्हें कहा जी मैडम मैं काम से खुश हूं, उनके साथ मेरी कम ही बात हुआ करती थी क्योंकि वह अपने काम में बहुत बिजी रहती थी जब हम लोग उनके घर पहुंचे तो वह मुझे कहने लगी रतन आज मेरी बच्ची का बर्थडे है और तुम्हें ही घर में सारा कुछ संभालना है,  मैंने कहा जी मैडम, मैं सारा काम संभाल लूंगा आप सब मुझ पर छोड़ दीजिए। उन्होंने खाने का ऑर्डर बाहर से ही दे दिया था उन्होंने ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया था सिर्फ उनके आस पड़ोस के कुछ लोग थे उनको ही उन्होंने घर पर बुलाया था, मैं घर को सजाने लगा और जब उनकी पार्टी शुरू हुई तो मैडम मुझे कहने लगे तुम सारा कुछ संभाल लेना, मैंने खाने का बंदोबस्त सब अच्छे से कर दिया था और मैंने एक टेबल पर खाने का सामान भी रख दिया था, उस दिन आशा मैडम के पति ने कुछ ज्यादा ही शराब पी ली थी और आशा मैडम उन्हें बार-बार कह भी रही थी कि तुमने आज कुछ ज्यादा ही ड्रिंक कर ली है कम से कम आज तो तुम्हें इतनी ज्यादा शराब नहीं पीनी चाहिए थी। मैं यह सब बातें सुन रहा था क्योंकि वह मेरे सामने ही यह सब कह रही थी, जब सारा कुछ निपट गया तो उसके बाद आशा जी मुझे कहने लगी रतन अब सारा काम हो चुका है मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देती हूं, मैंने मैडम से कहा नहीं मैडम मैं निकल जाऊंगा, वह कहने लगी रात काफी हो चुकी है और अब तुम अपने घर कैसे जाओगे? मैंने उन्हें कहा नहीं मैडम मैं चले जाऊंगा आप चिंता मत कीजिए लेकिन उन्होंने मुझे कहा कि अब इतनी ज्यादा रात हो चुकी है तो आज तुम यहीं रुक जाओ और कल मेरे साथ ही सुबह ऑफिस चलना, मैंने उन्हें कहा ठीक है मैडम मैं आपके घर पर ही रुक जाता हूं।

उनका घर काफी बड़ा है और मैं उस दिन उनके घर पर ही रुक गया, मैं उनके एक रूम में लेटा हुआ था वह लोग भी सो चुके थे लेकिन कुछ देर बाद उनके रूम से चिल्लाने की आवाज आने लगी, मैं दौड़ता हुआ उनके कमरे की तरफ गया तो देखा आशा जी के पति और उनके बीच में बहुत झगड़े हो रहे हैं लेकिन मैं उन दोनों के बीच में कुछ भी नहीं बोल सकता था इसलिए मैं चुपचाप अपने कमरे में जाकर बैठ गया, उन दोनों की आवाज तेज होती जा रही थी और उन दोनों के बीच इतना ज्यादा गरमा गरमी हो गई की आशा मैडम वहां से उठकर बाहर हॉल में बैठ गई और वह टीवी देखने लगी, वह टीवी देख रही थी तो मैं उनके पास जाकर बैठ गया, मैंने उनसे कहा मैडम आप इतने गुस्से में क्यों हैं? वह कहने लगी मेरे पति को कुछ समझ ही नहीं आती और वह हमेशा मुझसे झगड़ा करते रहते हैं आज मैंने उन्हें सिर्फ इतना कहा कि आज तुमने ड्रिंक क्यों की, तो वह मुझ पर ही गुस्सा हो गए इसी वजह से मैं उन पर गुस्सा हो गई और हम दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। मैंने उनकी जांघों पर हाथ रखा और कहा मैडम आप जब गुस्सा होती है तो बिल्कुल अच्छी नहीं लगती।

वह मुझे कहने लगी रतन मै अपने पति से बहुत दुखी हो चुकी हूं। मेरा हाथ उनकी जांघ पर ही था उन्होंने भी मेरी छाती पर अपने हाथ को रखते हुए मुझे अपनी तरफ खींचने की कोशिश की। जब उन्होंने मुझे अपनी बाहों में लिया तो उनके स्तनों मुझसे टकराने लगे। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे मैंने भी जब अपने हाथ से उनके स्तनों को दबाना शुरू किया तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैं उनके स्तनों को लगातार तेजी से दबाता जाता मेरा लंड तन कर खड़ा हो चुका था। वह मुझे कहने लगी रतन अंदर वाले रूम में चलते हैं। हम दोनों अंदर रूम में चले गए जब मैंने उनके कपड़े उतारने शुरू किए तो उनके बदन को देखकर मेरा लंड खड़ा हो चुका था, मेरे लंड से पानी निकलने लगा। उनकी चूत से इतना ज्यादा पानी निकल रहा था मै उस पानी को अपने मुंह से चाटता जा रहा था। वह मुझे कहने लगी तुम बड़े अच्छे से मेरी चूत का पानी चाट रहे हो लेकिन अब मुझसे रहा नहीं जा रहा। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनकी चिकनी योनि के अंदर डाल दिया, जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में प्रवेश हुआ तो वह कहने लगी तुम मुझे और तेजी से चोदना शुरू कर दो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और काफी समय बाद किसी ने मेरी चूत में लंड डाला है। मैंने उन्हें तेजी से धकके दिया जा रहा था मै उन्हें लगातार तेज गति से चोद रहा था। जब उनकी योनि से कुछ ज्यादा ही तरल पदार्थ बाहर आने लगा तो वह कहने लगी मैं अब झड़ने वाली हूं तुम अपने वीर्य को मेरी योनि में गिरा दो। मैंने उन्हें 70 की स्पीड से चोदना शुरू किया और जैसे ही मेरा वीर्य उनकी योनि में गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ लेकिन उनके गोरे बदन को देखकर मेरी इच्छा नहीं भरी थी और आधे घंटे बाद जब मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया तो मैंने उन्हें बिस्तर पर उल्टा लेटा दिया। मैने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया जब मेरा लंड उनकी योनि के अंदर घुसा तो उनके मुंह से आवाज निकल पड़ी। मेरा लंड उनकी योनि में अंदर बाहर बड़ी तेजी से हो रहा था, मैंने उनके साथ काफी देर तक संभोग किया जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने अपने लंड को निकालते हुए उनकी गांड पर अपने वीर्य को गिरा दिया। मैने उनकी गांड के बीच की लकीर मे वीर्य को गिराया, वह कहने लगी तुम्हारा वीर्य तो बहुत गर्म है तुम्हारे अंदर बहुत ज्यादा जोश है, मैं कल से तुम्हें ज्यादा सैलरी दूंगी लेकिन तुम्हें मुझे खुश रखना पड़ेगा। मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं मैडम मैं आपको हमेशा खुश रखूंगा आप जैसी हसीना को भला कौन छोड़ सकता है।