मैं हमेशा तुमसे मिलूंगी


Antarvasna, hindi sex story मेरा नाम आकाश है मैं पंजाब के एक छोटे से कस्बे का रहने वाला हूं हमारे शहर में कोई नौकरी नहीं थी मैंने अपना कॉलेज तो चंडीगढ़ से पूरा कर लिया था लेकिन मुझे चंडीगढ़ में भी कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई। कुछ समय तक तो मैने चंडीगढ़ में ही नौकरी की लेकिन वहां पर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और मैंने एक दिन दिल्ली में एक कंपनी में इंटरव्यू दिया। वहां पर सैलरी भी अच्छी थी और कंपनी भी अच्छी थी मेरा सिलेक्शन वहां हो गया मैं अब दिल्ली आ चुका था सबसे पहले तो मुझे रहने की समस्या थी मेरे साथ ही एक लड़का ऑफिस में जॉब किया करता था उसने मुझे कहा तुम मेरे साथ रह सकते हो।

मैं कुछ समय तक तो उसके साथ ही रहा और जब मेरी तनख्वाह आने लगी तो मैंने अलग लग घर लेने की सोच ली और मैंने एक दो कमरों का सेट किराए पर ले लिया मैं चाहता था कि मेरे माता-पिता भी मेरे साथ रहे लेकिन वह लोग तो गांव में खेती का ही काम करते हैं और वह नहीं आना चाहते थे। मैं जिस लड़के के साथ रहा करता था उसने भी अब वह कंपनी छोड़ दी है और उसने बेंगलुरु में कोई कंपनी ज्वाइन कर ली है। अब सब कुछ ठीक चलने लगा था मेरी नौकरी भी अच्छे से चल रही थी और मैं पैसे समय समय पर घर भेज दिया करता था। एक बार मुझे मेरे गांव के दोस्त का फोन आया वह मुझे कहने लगा यार मैं तुम्हारे साथ आना चाहता हूं मैंने उसे कहा लेकिन तुम मेरे साथ आकर क्या करोगे। वह कहने लगा नहीं मुझे तुम्हारे साथ ही आना है यहां पर कोई काम है ही नहीं तो मैं भी सोच रहा हूं कि दिल्ली चला जाता हूँ तो क्या पता कुछ काम ही मिल जाए इसीलिए मैं दिल्ली आना चाहता हूं। मेरे दोस्त का नाम राकेश है और वह बहुत ही ज्यादा गुस्से वाला है लेकिन मैं उसे मना भी नहीं कर सकता था बचपन में उसने मेरी बहुत मदद की है।

मैंने उसे कहा ठीक है तुम आ जाना वह मेरे पास आ गया जब वह मेरे पास आया तो मैंने उसे पहले ही इस चीज के लिए समझा दिया था कि तुम यहां किसी के साथ भी फालतू बात मत करना क्योंकि उसके झगड़े करने की आदत बहुत ज्यादा है और उसे बहुत ही जल्दी क्रोध आ जाता है। मैंने राकेश की कंपनी में जॉब लगा दी वह जॉब करने लगा था सब कुछ ठीक चल रहा था दो महीने तक तो सब कुछ बहुत ही शांति से था लेकिन एक दिन राकेश घर पर ही था राकेश मुझसे कुछ देर पहले ही ऑफिस जाया करता था। मैंने उससे पूछा कि आज तुम ऑफिस नहीं जा रहे हो? वह मुझे कहने लगा मैंने वहां से काम छोड़ दिया है मैंने राकेश को समझाया और कहा तुमने वहां से काम क्यों छोड़ा वह कहने लगा बस मेरा मन नहीं कर रहा था। उसने वहां से काम छोड़ दिया था वह मुझे इसकी वजह बताने को तैयार ही नहीं था मैंने उसे जोर देते हुए पूछा तो उसने मुझे कहा दरअसल जिस जगह मैं काम करता था वहां पर मेरी मैनेजर के साथ अनबन हो गई और मैंने गुस्से में उनके साथ मारपीट की जिससे कि मुझे वहां से काम छोड़ना पड़ा। मैंने राकेश से कहा तुम्हें अपने गुस्से पर कंट्रोल करना चाहिए बेवजह ही तुम ऐसे किसी के साथ बोलोगे तो तुम कैसे काम करोगे लेकिन राकेश शायद कभी भी बदलना नहीं चाहता था इसी वजह से वह जहां भी काम करता वहां से कुछ ही दिनों बाद वह काम छोड़ दिया करता। मैंने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह कुछ समझने को तैयार ना था मैंने राकेश से कहा ऐसे कब तक चलता रहेगा तुम्हें यहां एक साल होने को आ गया है और एक साल में तुमने अभी तक अच्छे से काम भी नहीं किया है और ना ही तुम काम पर ध्यान दे रहे हो। मैंने राकेश को बहुत समझाया पर वह कुछ समझने को तैयार नहीं था मैं सोचने लगा मुझे उसके हिसाब से ही कोई काम देखना चाहिए। एक दिन सुबह हम लोग अखबार पढ़ रहे थे मैंने उसमें देखा उसमें किसी बार के लिए कुछ बाउंसरों की जरूरत थी मैंने राकेश से कहा तुम वहां पर चले जाओ क्योंकि तुम्हारी कद काठी भी अच्छी है और तुम्हारे हिसाब का ही यह काम है।

राकेश ने कहा हां यार तुम सही कह रहे हो मुझे वहां पर जरूर जाना चाहिए राकेश वहां चला गया और उसकी नौकरी वहां लग गई। वह वहीं नौकरी करने लगा था वह काम उसके हिसाब से बिल्कुल ठीक था और वह अच्छे से काम करने लगा मुझे भी अब इस बात की कोई चिंता नहीं थी कि राकेश अपने काम में ध्यान नहीं दे रहा है। सब कुछ अब ठीक से चलने लगा था कभी कबार हम दोनों साथ में बैठ जाया करते थे क्योंकि राकेश कि ड्यूटी हुआ करती थी इसलिए वह मुझसे कम ही मिला करता था बस हम लोग हफ्ते में एक बार मिलते थे उस दिन हम लोग साथ में बैठा करते थे। जब मैं राकेश से पूछता कि तुम्हारा काम कैसा चल रहा है तो वह कहता अब तो सब कुछ ठीक चल रहा है और मैं अच्छे से अपना काम कर रहा हूं राकेश मुझे कहने लगा यार मुझे कुछ दिनों के लिए घर जाना पड़ेगा क्योंकि मेरी छोटी बहन की सगाई होने वाली है और तुम्हें भी छुट्टी मिले तो तुम भो मेरे साथ चलना। राकेश का परिवार मुझे बहुत ही अच्छा मानता है क्योंकि मैंने बचपन से ही उसका साथ दिया है इसलिए मुझे उसकी बहन की सगाई में जाना ही था मैंने उसे कहा ठीक है हम लोग साथ ही चलेंगे। हम दोनों ने अब जाने की तैयारी कर ली थी राकेश ने कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ली थी और मैंने भी कुछ दिनों की छुट्टी ले ली हम दोनों गांव चले गए।

जब हम दोनों गांव गए तो कुछ ही दिनों बाद राकेश की बहन की सगाई हो गई हम लोग कुछ दिनों तक अपने घर पर रहे और फिर वापस लौट आये सब कुछ बहुत ही अच्छा चल रहा था। एक दिन मुझे राकेश ने अपने दोस्त से मिलवाया वह उसके साथ ही काम करता था मैंने उससे पूछा कि राकेश अच्छे से काम तो कर रहा है वह कहने लगा राकेश तो बहुत अच्छे से काम करता है और सब लोग उससे बहुत खुश रहते हैं। राकेश ने भी अपने आप को थोड़ा बहुत बदलने की कोशिश की थी और वह अब शायद पहले जैसा नहीं रह गया था क्योंकि उसे भी अब अपने घर पर पैसे भेजने होते थे और उसके कंधों पर भी अब जिम्मेदारी आने लगी थी। राकेश मुझसे हमेशा कहता कि अब मेरी बहन की शादी होने वाली है और उसकी शादी के लिए सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर ही है। मैंने उससे कहा कोई बात नहीं मुझसे भी जितनी मदद हो सकेगी मैं तुम्हारी मदद करूंगा। राकेश मुझे कहने लगा मुझे यह बात तो अच्छे से मालूम है कि तुम हमेशा मेरे साथ खड़े हो और हमेशा ही तुमने मेरा साथ दिया है लेकिन फिर भी मुझे पैसे तो जमा करने हीं होंगे। मैंने राकेश से कहा कोई बात नहीं तुम पैसे जमा कर लेना और सब कुछ ठीक हो जाएगा। जल्द ही सब कुछ ठीक होने लगा था राकेश की बहन की शादी भी नजदीक आने लगी थी और जब उसकी शादी होने वाली थी तो हम दोनों ही अपने गांव चले गए हम लोग अपने गांव गए तो वहां पर हम दोनों ने ही सारा कुछ अरेंजमेंट किया। राकेश की बहन की शादी भी अच्छे से हो चुकी थी कुछ दिनों तक हम लोग घर पर रुके उसके बाद जब हम लोग वापस आए तो राकेश ने कहा यार तुमने मेरी बहुत मदद की यदि तुम नहीं होते तो शायद मेरी बहन की शादी अच्छे से नहीं हो पाती। मैंने राकेश कहा इसमें मदद की क्या बात है तुम मेरे दोस्त हो और मेरा भी तुम्हें लेकर कोई फर्ज बनता है।

राकेश ने मुझे गले लगा लिया और कहा यार मैं तुम्हारा शुक्रिया कैसे कहूं मैंने उसे कहा तुम यह सब रहने दो और तुम अपने काम पर ध्यान दो। मुझे एक दिन राकेश कहता है यार मैं जिस जगह काम करता हूं वहां पर एक आइटम आती है और हमेशा वह मुझे देखा करती है वह मुझे बहुत ज्यादा इशारे देती है लेकिन मैं उसे दूरी बनाकर रखता हूं और कोशिश करता हूं कि वह मुझसे दूर ही रहे। मैंने राकेश से कहा तुम उसका नंबर मुझे दे देना राकेश कहने लगा ठीक है मैं उसका नंबर तुम्हे दे दूंगा। राकेश इन सब चीजों से बहुत डरता है लेकिन राकेश ने जब मुझे उसका नंबर दिया तो मैंने उससे फोन पर बात की उसका नाम  सरिता है सरिता शादी शुदा है लेकिन उसकी चूत में बहुत ज्यादा खुजली है और वह अपनी खुजली मुझसे मिटाना चाहती थी इसीलिए उसने मुझसे मिलने की बात कही। मैंने राकेश को यह बात बताइ और उस दिन राकेश उसे अपने साथ ले आया हम दोनों ही घर पर थे जब सरिता आई तो कुछ देर हम लोग साथ में बैठे रहे। मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो राकेश यह सब देखने लगा मैं सरिता को अपने साथ अंदर वाले रूम में लेकर चला गया।

जब मैंने उसके बड़े स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो उसे बहुत मजा आने लगा और मुझे भी बहुत अच्छा लगता जैसे ही मैंने सरिता की योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह मचल पड़ी और कहने लगी तम मेरी चूत मारो। मैंने उसके कपडे खोलते हुए बड़ी तेजी से उसकी चूत मारी और उसकी इच्छा पूरी हो रही थी। उसका पति उसकी इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर पाता इसलिए वह राकेश पर नजर मार रही थी लेकिन जब मैंने उसकी इच्छा पूरी की तो वह खुश हो गई। राकेश न उसकी गांड खोल कर रख दी उसने उसकी गांड के अंदर लंड डाल दिया और बड़ी तेजी से उस पेलने लगा। जब राकेश उसे धक्का देता तो उसकी चूतडे हिल जाती और उसकी तेज आवाज बाहर सुनाई दे रही थी वह बहुत तेजी से चिल्ला रही थी और जब राकेश उसकी गांड मार कर बाहर निकला तो वह अच्छे से चल भी नहीं पा रही थी। उसे नहीं मालूम था कि राकेश के अंदर कितना जोश है राकेश ने उसकी गांड के छेद को चौड़ा कर के रख दिया था लेकिन उसे बहुत मजा आया था और उसके बाद तो वह हमसे मिलने के लिए आ जाया करती थी। राकेश और मैं उससे अपनी इच्छा पूरी कर लिया करते थे क्योंकि हमारे पास और कोई जुगाड़ नहीं था सरिता हमारा परमानेंट जुगाड़ है और वह हमारी इच्छाओं की पूर्ति करती है।

Online porn video at mobile phone


maine apni maa ko chodachachi ki chudai hindimoti aunty ki gand mariland kahanihindi porn sex storyantarvasna hindi desichoot ki lootbeti ko chodne ki kahanichudai ki kahani with imagebete se maa ki chudaihot gay fuck storieschodne ki storysex story comfree antarvasna hindi kahaniboor ki chudai storymaa ke sath sex storybachcho ki chudaivasna ki chudaichudai story in hindi fontmami ki sexy kahanistudent ne choda storyschool me chudai storybahan chudai storymast chudai in hindi fontbhai se chudai ki storyhindi sez storydesi kahani recent storiessexy stoyrisambhog katha hindibhabhi ki chudai kathamaa ne bete se chudai ki kahanichachi ki mast chudaichikni chut combahan ko choda hindi storymaa ka gangbangmedm ki chudaisali ki suhagratpati ke samne chudaikhaniya chudaikhala ki chudai in hindidelhi ki ladki ki chutindian chudai kahani comboss ki wife ki chudaiapni behan ki gand marikmukta comjija sali ki mastihot chudai kahani in hindihindi romantic kahani in hindimota lodasexy hindi kahani in hindi fontantatvasna comhindi writing chudai kahanidesi kahanifamily me chudaikuwari sali ki chudaihindi font erotic storieschoot ki chataigay boys story in hindimami aur mausi ki chudaiapni saali ko chodabhabhi ki chut me panisaas ki chudaihindi pornstorychut me mota lund ki photocartoon hindi sex storychudai ki stories with photomaa ki chudai kathasaheli ki chutantarvasna latestmaa ko sote hue chodapriya ki chutapni sagi chachi ko chodaindian group sex storiesbhabhi sex kahanimari maa ki chootsaxy antybhai bhai chudaibap beti ki chudai hindi storymarwari bhabhi ki chudai