मामी को होटल में चोदा


हैल्लो फ्रेंड.. मेरा नाम पार्थ और में उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ.. दोस्तों यह मेरी इस वेबसाइट पर पहली स्टोरी है.. वैसे में इस साईट पर हमेशा बहुत सी सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ.. मुझे इस साईट की सभी सेक्सी कहानियाँ बहुत अच्छी लगती है और फिर एक दिन मैंने भी अपनी कहानी आप सभी के सामने रखने का फैसला किया और आज में आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ और यह आज से तीन महीने पहले की है. दोस्तों अब में आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ. मेरी मामी का नाम मीरा है.. उनकी उम्र करीब 42 साल है.. लेकिन वो दिखने में एक 26 साल की लड़की की तरह लगती है. मेरी उम्र 24 है और में एक इंजिनियर हूँ और में एक ऑफीस में नौकरी करता हूँ.. तो एक दिन में अपने ऑफीस के किसी काम से लखनऊ गया और वहाँ पर मेरे मामा जी भी रहते है.. लेकिन में एक होटल में रुका था. वो रविवार का दिन था.. तो में अपने मामाजी के घर पर चला गया. मेरी मामी जी नहा रही थी और घर पर कोई भी नहीं था. फिर वो नहाकर बाथरूम से बाहर आई तो उन्होंने दरवाज़ा खोला और जैसे ही में अंदर आया तो में उन्हें देखता ही रह गया वो नीली कलर की साड़ी में थी और वो क्या सेक्सी लग रही थी.. उसकी छाती की लाईन साफ साफ दिखाई दे रही थी और उनके बड़े बड़े बूब्स मुझे अपनी और आकर्षित कर रहे थे. तभी मेरा तो मन किया कि में उसे यहीं पर पटककर चोद दूं.. लेकिन मजबूर था.

फिर वो मुझे सोफे पर बैठाकर किचन में मेरे लिए नाश्ता, पानी लेने चली गयी और मैंने बाथरूम में जाकर उसकी पेंटी को देखा और मैंने उसे सूंघकर अपनी ज़ेब में रख लिया और उसकी ब्रा पर मुठ मारकर बाहर आ गया. शायद उसने मुझे ऐसा करते हुए देख लिया था और फिर हमने नाश्ता किया और इधर उधर की बातें करने लगे. तो मैंने पूछा कि मामाजी कहाँ हैं? तो उसने मुझे बताया कि वो बच्चों के साथ बाहर गये है और उसने मुझे बहुत डाटा कि में यहाँ पर आने के बाद होटल में क्यों रुका हूँ? और उसने मुझसे पूछा कि में शादी कब कर रहा हूँ? तो मैंने बोला कि अभी 2-3 साल बाद. फिर उसने बोला कि ऐसा क्यों? तो मैंने कहा कि थोड़े पैसे इकट्टे हो जाए तब करूँगा. तभी उसने बोला कि यह सब तो होता रहेगा पहले तुम शादी कर लो और फिर पैसे तो तुम्हारी बीवी भी कमा लेगी. तो मैंने पूछा कि वो कैसे? तो उसने मज़ाक में बोला कि नाईट शिफ्ट में. फिर मैंने पूछा कि क्या मतलब? तो उसने मुझे एक शैतानी स्माईल दी और बोली कि कुछ नहीं.. फिर थोड़ा सीरीयस होकर उसने पूछा कि तुम्हारी कोई सेटिंग हो तो मुझे बताना. तो मैंने मना कर दिया कि मेरी कोई सेटिंग नहीं.. तभी वो थोड़ा गुस्से में बोली कि तब तक तुम क्या ऐसे ही मेरी ब्रा गंदी करते रहोगे? तो में बहुत शरमा गया और बोला कि क्या मतलब? तब उसने बताया कि उसने मुझे बाथरूम में देख लिया था और मुझे इतना सुनते ही पसीना आ गया.

फिर वो बाथरूम में गयी और एक हल्का गाऊन पहनकर आई और मुझसे बोला कि कोई घबराने की बात नहीं और वो मेरे सामने बैठकर सब्ज़ी काटने लगी और मुझे उसके बड़े बड़े बूब्स साफ साफ दिख रहे थे.. उसने मुझे उसके बूब्स देखते हुए देख लिया और बोला कि पकड़ोगे क्या? फिर वो खाना बनाने चली गयी और में बाथरूम चला गया वहाँ पर मैंने देखा कि वो ब्रा गायब थी जिस पर मैंने मुठ मारी थी. तभी इतने में बाथरूम का दरवाज़ा नॉक हुआ तो मैंने दरवाजा खोला तो बाहर मामी जी खड़ी थी. उसने मुझे देखकर बोला कि तुम जो ढूँढ रहे हो क्या वो में दूं? मैंने बोला कि में कुछ समझा नहीं आप क्या बोल रहे हो. तभी उसने मुझे एक जोरदार थप्पड़ मारा और बोला कि ज़्यादा होशियार मत बनो और यह बात बोलते ही उसने अपना गाऊन उतार दिया.. वो केवल लाल ब्रा और सफेद पेंटी में थी. में देखकर बहुत चकित हो गया कि यह वही ब्रा थी जिसमे मैंने अभी कुछ देर पहले मुठ मारी थी. तो मैंने भी तुरंत अपनी पेंट निकाल फेंकी और उसे बाहों में लेकर उसके होंठ चूसने लगा और अभी हमारा स्मूच चल ही रहा था कि डोर बेल बजी.. हमने बहुत गलियाँ दी और कपड़े पहनकर मीरा ने जब दरवाज़ा खोला तब गेट पर उसकी बहन कानपुर से अपने पति और बच्चे के साथ 3 दिनों के लिए आई थी. तब हमने उसे बहुत गलियाँ दी और मैंने किचन में जाकर मीरा के बूब्स और गांड दबाई और उसकी बहन का परिवार फ्रेश होने में लगा था.

फिर में उससे बोला कि मुझे चुदाई करनी है.. उसने बोला कि मूड तो उसका भी चुदाई करने का है.. लेकिन अब हम चुदाई कैसे करेंगे. तो मैंने कहा कि में कल कोई आईडिया लगाता हूँ और उसने कहा कि ठीक है. फिर उसने बोला कि उसे पिछले तीन सप्ताह से मामाजी ने नहीं छुआ. फिर हम सब ने एक साथ बैठकर खाना खाया और हम सभी कमरे में सोने चले गये.. लेकिन में और मीरा बातें कर रहे थे हमे तो बस चुदाई के सपने दिख रहे थे. हमे अब नींद कहाँ आनी थी और वहीं पर उसकी बहन के पति भी सो रहे थे. तो मैंने उसे इशारे से किचन में चलने को बोला और हम दोनों वहाँ पर चले गये.. मैंने मीरा को किस किया और उसके बूब्स दबाए और मैंने उसे लंड चूसने को बोला तो उसने पहले तो मना किया और फिर मेरे बहुत कहने पर वो लंड को पूरा मुहं में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी और जब 15 मिनट बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने उसके बूब्स पर पूरा वीर्य निकाल दिया और उसे पेंटी उतारने के लिए बोला. तो उसने अपनी पेंटी निकाल दी और उससे अपने बूब्स पर पड़े वीर्य को साफ किया और मैंने उसे पेंटी पहना दी और वहाँ से चला गया.

मैंने रात को उसे फोने करके बोला कि तुम कल तैयार रहना.. में अपना ऑफिस का काम ख़त्म होने के बाद दिन में 12 बजे आ जाऊंगा. फिर में दूसरे दिन उसके घर पर उसे लेने को पहुंच गया तो वो पहले से ही तैयार थी और उसने अपनी बहन को बोला कि वो मेरे साथ शॉपिंग करने मार्केट जा रही और हम वहाँ से सीधे होटल के रूम में आए और आते ही मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया और खुद भी नंगा हो गया. फिर मैंने उसके पूरे शरीर को सक किया और उसकी चूत को चूसने और चाटने लगा.. मैंने वहाँ पर होटल के फ्रीज़ से बियर मंगवाई और उसे भी पिलाई.. वो मुझे धीरे धीरे गलियाँ दे रही थी जिससे मुझे और भी जोश आ रहा था. फिर मैंने उसे अपना लंड मुहं में दे दिया और उसने करीब 10 मिनट तक लंड को चूसा और फिर मैंने उसे कमर से पकड़ा और उल्टा करके घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में एक ही झटके में पूरा लंड डाल दिया. तो वो जोर से चिल्ला पड़ी और बोलने लगी कि छोड़ दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मेरी चूत फट जाएगी.. प्लीज मुझे बहुत जलन हो रही है.. प्लीज छोड़ो मुझे.. लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसे जोर जोर से धक्के देकर चोदता रहा. मैंने उसकी कमर को जोर से पकड़ रखा था जिससे वो अपने आप को मुझसे छुड़ा ना सकी और फिर कुछ देर बाद वो ठंडी हो गई और अपनी चुदाई का मजा लेने लगी और अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और वो इस बीच दो बार झड़ चुकी थी. फिर थोड़ी देर बाद जब मेरा भी वीर्य निकलने वाला था.. तो मैंने लंड उसकी चूत से बाहर निकाल दिया और उसके पास में लेट गया. फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर से उसकी जबरदस्त चुदाई की और इस बार मैंने उसको बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रख लिए और लंड चूत पर सेट करके जोर जोर से धक्के देकर चुदाई करने लगा और जब में झड़ने वाला था.. तब मैंने उससे पूछा कि में अपना वीर्य कहाँ पर गिराऊँ.. तो उसने बोला कि उसने ऑपरेशन करा लिया है और उसने मुझे अपनी चूत के अंदर ही झड़ने को बोला. तो मैंने अपना पूरा वीर्य चूत में डाल दिया और फिर मैंने एक बार उसकी गांड भी मारी.. लेकिन वो चुदाई के बाद ठीक से चल भी नहीं पा रही थी. तो मैंने उसे उसके घर पर ले जाकर छोड़ दिया और मैंने उसकी ब्रा और पेंटी अपने पास रख ली. फिर में वापस होटल में आया और मैंने उसकी ब्रा और पेंटी में मुठ मारी.. उसी शाम को उसने मुझे अपने घर पर डिनर के लिए बुलाया था. तो मैंने जाकर उसे वो पेंटी और ब्रा दे दी और बोला कि इसे तुरंत पहन कर आओ वो बाथरूम में ब्रा पेंटी चेंज करके आ गयी. फिर खाना खाने के बाद हम दोनों थोड़ी देर घूमने के बहाने से छत पर गए और उसने वहाँ पर मेरा लंड पकड़कर हिलाया और मुठ भी मारी और सारा वीर्य पी गई और अब हम दोनों मिलते ही चुदाई करने का बहाना ढूंडते है.

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