मेरी पहली सेंडविच चुदाई


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मेरा नाम रोहाना हैं और मैं लखनऊ की रहनेवाली हूँ. मेरा कलर फेयर हैं और फिगर 32-26-31  बहुत ही स्लिम और सेक्सी हूँ मैं. १ महीने से अन्तर्वासना स्टोरीस डॉट पर सेक्स की कहानियां पढ़ रही थी तो सोचा की अपनी चुदाई की एक दास्ताँ भी यहाँ भेज ही दूँ.

मेरी एज 22 और मेरे हसबंड की 23 सा की हैं. हम दोनों की लॉ मेरेज थी और वो भी हमने भाग के शादी की थी. घर में हम दोनों ही रहते हैं. मेरे हसबंड को सेक्स में और सेक्स से पहले गन्दी गन्दी बातें और गालियों का सौख हैं. वो सेक्स के पहले मुझे गालियाँ देने के लिए और गन्दी बातें करने के लिए कहते हैं.

ऐसे ही एक बार मैंने बात निकाली गन्दी वाली जिसमे मैंने एक साथ दो दो लंड लेने की बात कर दी. यह सुन के तो उस दिन मेरा हसबंड उस दिन कुछ ज्यादा ही सेक्सी हो गया और उसने मुझे किस करते हुए पुरे आधे घंटे तक चोदा. फिर वो मुझे सामने से कहते हैं की मेरे साथ तुम दो लंड लेने की बात करो न अच्छा लगता हैं.

एक दिन वो मुझे चोद रहे थे और चोदते चोदते बोले, क्यूँ दो लंड लेने हैं तुम्हे?

मैंने कहा, आप को कोई ऐतराज़ तो नहीं हैं ना?

तो वो मेरी चूत को रगड़ते हुए बोले, रंडी हैं तू पूरी के पूरी, मैं भी चाहता हूँ की तुझे किसी और का बड़ा लंड लेते हुए देखूं. और फिर हम दोनों मिल के तेरी चूत और गांड को मारें.

सच में यह सुन के मुझे भी मस्त लगा उस वक्त, और मैं सच ही में फेंत्सी करने लगी एक साथ दो दो लोडे लेने की.

फिर मेरे हसबंड ने कहा, मैंने देख रखा हैं तेरे लिए एक मजबूत लंड और वो तेरी बुर में जल्दी ही डलवाऊंगा. मैं खुश हो गई. फिर वो मेरी चूत में अपनी मलाई निकाल के सो गए.

सुबह में जब हम ब्रेकफ़ास्ट कर रहे थे तो उन्होंने मेरी और देखा. मैंने अंडा खाते हुए पूछा, आप रात को कह रहे थे की मेरे लिए कोई देख रखा हैं आप ने वो सच हैं क्या?

वो हंस के  बोले, तुम्हे बड़ी जल्दी लगती हैं दो एक साथ लेने की.

मैंने कहा, अब आप ने ही नशा करवाया हैं बातें कर कर के और अब मुझे गलत कह रहे हो.

हसबंड ने कहा मैं कब कहा की तुम गलत हो, चलो आज शाम को सेटिंग हुआ तो तुम्हे कॉल करूँगा.

अब मैं समझ गई की वो अपनी ऑफिस के ही किसी बन्दे को लाने को सोच रहे थे.

और करीब ५ बजे उनका कॉल आया. उन्होंने कहा की रेडी रहना सेंडविच बनने के लिए. मैं मन ही मन बहुत खुश हुई. हसबंड के आने से पहले मैंने विट क्रीम लगा के चूत और गांड के ऊपर के सभी बाल साफ़ कर दिए और अपनी बगल को भी साफ़ कर दिया.

पुरे एक घंटे के बाद मेरे हसबंड अपने साथ कुमार जी को ले के आये. कुमार जी का नाम तो विभाग कुमार हैं वैसे और वो पहले भी हमारे घर आ चुके थे. मस्त बोडी और मजकिये स्वभाव के हैं वो. पति उन्हें शराब पिला के लाये थे शायद क्यूंकि व्हिस्की की स्मेल से कमरा महक सा गया था. मुझे कुमार जी की तरफ इशारा कर के हसबंड ने पूछा, चलेगा.

मैं शर्म से निचे देख गई. मैंने उस वक्त पतली नाईटी पहन रखी थी और अन्दर कोई ब्रा नहीं पहनी थी. मेरे निपल्स इस सिल्क नाइटी के ऊपर साफ़ दिख रहे थे. कुमार की नजर वही पर थी. हसबंड ने ही आइस ब्रेक की और बोले, कुमार भाभी जी ने ही बुलाया हैं तुम्हे आज यहाँ पर.

कुमार ने मेरी तरफ देखा और मेरे निपल्स के ऊपर उसकी नजर चिपक सी गई. मैंने कहा, चलिए अन्दर कमरे में चलते हैं.

लेकिन हसबंड ने कहा, नहीं यही हॉल में करते हैं ना डार्लिंग.

कुमार मेरे नजदीक आये और मेर निपल्स पर अपना हाथ रख दिया. मुझे थोडा सा अजीब लगा क्यूंकि हसबंड के सामने मेरा यह पहली बार जो था. लेकिन हसबंड ने मुझे हिम्मत दी जब वो आके मेरी नाईटी के पीछे की डोर को खोल के मुझे नंगा करने लगे थे. कुमार की आँखे खुली सी रह गई जब नाइटी निचे गिरी और बिना ब्रा के मेरे चुन्चो ने अपना कडकपन दिखाया. वो अपनेआप को रोक ही नहीं सका और उसने मेरे निपल को अपने मुह में ले लिया. मेरे मुह से आह निकल गई और मैंने उसके माथे को अपने बूब्स पर दबा सा दिया. कुमार के मुह से व्हिस्की महक रही थी और वो बारी बारी मेरे दोनों निपल्स को चूस चूस के खिंच सा रहा था. हसबंड का हाथ अब मेरी पेंटी में था और वो मेरी बिना बाल वाली साफ़ चूत को सहला रहे थे.

फिर उन्होंने धीरे से पेंटी को निचे कर दिया. बाप रे मैं दो दो मर्दों के सामने नंगी हो गई थी. कुमार ने मुझे झांघ से उठा लिया और सोफे के ऊपर फेंक दिया. पति ने मेरी टाँगे खोल दी और वो मेरी चूत के सामने गुलाम की तरह बैठ गया. मैंने उसके माथे को खिचं के अपनी चूत पर रख दिया और वो चूत में जबान डाल के चाटने लगा. वाऊ क्या मजे से चूत में जबान घुसा दी थी. कुमार ने अपनी पेंट खोली और फिर शर्ट भी. और फिर अंडरवेर उतारी तो उसका ७ इंच लम्बा लोडा मेरे सामने था. उसने मेरे हाथ को पकड़ के अपना लोडा उसमे थमा दिया. मैंने लंड को दो स्ट्रोक मारे तो वो एकदम कडक लगा मुझे. मैं रोक नहीं सकी अपने होंठो को और लंड पर एक चुम्मा दे दिया. कुमार ने मेरा माथा पकड़ के लंड अन्दर मुहं में दे दिया. मैंने अपने हाथ से कुमार की गांड पकड़ी और लंड को ककैंडी की तरह चूसने लगी. कुमार ने झटके ऐसे मारे दो लंड के मेरे मुहं में की गले तक घुस गया उसका लौड़ा.

उधर पति ने चूत के साथ साथ गांड के छेद पर भी अपनी जबान का ब्रश लगा के उसे चाट के साफ़ कर दिया था. और उसके चूसने और चाटने की वजह से मैं एक बार तो झड़ भी गई थी. कुमार का लंड मेरे मुहं में ही था और मेरे वजाइना ने अपना पानी बहा दिया था. हसबंड ने सब पानी पी लिया था अपनी जबान से ही.

दो मिनिट और मैंने कुमार का लंड चूसा और वो मेरे माथे को दूर करने के लिए आया. लेकिन मैं उसके लंड के पानी को मुहं में छुड़ाना चाहती थी इसलिए मैंने उसे रोक लिया. और मेरा मुहं दुसरे ही मिनिट पूरा भर गया. उसने इतना सब वीर्य निकाला था मेरे मुह में की क्या कहूँ आप से. और उसका वीर्य एकदम गाढ़ा था जैसे की नारियेल की मलाई. मुहं में भरे हुए सब वीर्य को मैं बूंद बूंद कर के पी गई. कुमार ने जब लंड मुहं से निकाला तो वो थोडा ढीला पद गया था.

अब मेरा हसबंड खड़ा हुआ और उसने मुझे लंड चूसने के लिए दे दिया. कुमार सोफे की साइड में बैठा. एक मिनिट के बाद फिर से उसके लंड में सलवटें कम हुई और वो खड़ा हो गया. मैं हसबंड के लौड़े को चूस ही रही थी और उसने टाँगे खोल के मेरी चूत पर थूंक दिया. और फिर साले ने अपना लोडा अन्दर पेल दिया. उसका लंड एक ही झटके में पूरा के पूरा चूत में घुस गया. वो अपनी कमर को हिला हिला के चोदने लगा मुझे.

हसबंड ने एक मिनिट और लंड चटाया और फिर वो आ गया मेरी गांड के पास. कुमार को उसने कुछ इशारा किया तो उसने लंड चूत से निकाल लिया. पति अब सोफे पर लेट गया और मुझे कहा की आ जाओ. मैंने उसकी गोदी में जगह बनाई चूत मरवाने के लिए, लेकिन उसने मुझे सीधे लिटाया अपने ऊपर जिस से मेरी गांड का छेद उसके लंड की तरफ था. उसने थूंक लगा के अपना लंड मेरी गांड में भर दिया. और फिर से मेरी चूत कुमार जी के लंड के सामने थी. उसने भी पेल दिया अपना लौड़ा छेद में. इस तरह मेरी चूत और गांड में एक एक लंड भरा हुआ था. निचे से हसबंड गांड पेल रहा था और ऊपर से कुमार चूत की चुदाई कर रहा था.

दोस्तों मेरी जिन्दगी की यह पहली सेंडविच चुदाई थी जिसका मैंने खूब मजा लुटा. हसबंड ने और कुमार ने कुछ देर बाद छेद की अदलाबदली भी की. लेकिन मेरे मजे तो उतने ही थे.

कुमार और हसबंड ने उस दिन मुझे ३ बार चोदा और गांड मारी. मुझे बड़ा मजा आ गया और मैंने जिद्द कर के कुमार को दुसरे दिन दिन में भी अपने पास रख लिया, जबकि मेरे हसबंड काम पर थे.

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