स्वाती ने मुझसे अपनी माँ चुदवाई


हैल्लो दोस्तों, में काफ़ी समय से Sex stories पढ़ता आ रहा हूँ, लेकिन में आज पहली बार अपनी कहानी आपको बता रहा हूँ. मैंने पहले भी कई बार सोचा कि में अपने साथ हुई घटना आपको बताऊँ, लेकिन बता नहीं पाया. दोस्तों आप वाकई में दंग रह जायेंगे कि असली जिंदगी में भी ये सब होता है.

स्वाती मेरी 12वीं क्लास की गर्लफ्रेंड है, शायद उसे अपनी गर्लफ्रेंड कहना ठीक नहीं होगा, क्योंकि मेरे अलावा भी वो कई और लड़को से चुदवाती रही है, इसलिए में ये कहूँगा कि उसे में 12वीं क्लास से ही चोदता आ रहा हूँ. उसकी उम्र करीब 21 साल होगी, रंग गोरा, बहुत ही सेक्सी चेहरा और उससे भी ज़्यादा सेक्सी गांड और बड़ी-बड़ी चूची. में पिछले अनुभव से कह सकता हूँ कि वो वाकई में लंड की असली शौकीन लड़की है. बस किसी तरह उसे अपना लंड दिखा दीजिए, तो वो खुद आपका लंड चूसे बिना आपको नहीं जाने देगी.

वो अपनी माँ के साथ रहती है और उसकी माँ जिसका नाम गीता है. उसकी उम्र 47 साल है, लेकिन अभी भी वो जवान दिखती है और खूब मोटी और भारी गांड की मालकिन है. खैर अब में अपनी असली कहानी पर आता हूँ. वैसे तो में स्वाती को रोजाना ही चोदता था, लेकिन मेरा मन उसकी माँ गीता को चोदने का बहुत करता था.

एक बार जब में स्वाती को चोद रहा था तो मैंने मस्ती में उससे बोल दिया कि में तेरी माँ गीता को पेलना चाहता हूँ, तो वो बहुत गुस्सा हो गयी और ज़ोर-ज़ोर से गालियाँ बकने लगी की भडवे, साले हरामी, मुझसे पेट नहीं भरता जो मेरी माँ के पीछे लगा है, तो में डर गया और फिर मैंने इस बात का जिक्र करना छोड़ दिया और सही मौके का इंतजार करने लगा और फिर सही मौका आया.

आज से करीब 6 महीने पहले हुआ यह कि स्वाती को अचानक 10,000 रुपये की ज़रूरत पड़ गयी. फिर मुझे रात में करीब 11 बजे उसका फोन आया कि यार मुझे कल सुबह किसी भी हालत में 10,000 रुपये चाहिए.

फिर मैंने कहा कि मेरे पास तो नहीं है, तुम अपनी मम्मी से क्यों नहीं माँग लेती? तो इस पर वो बोली कि वो कुतिया मना कर रही है और कहीं से भी पैसे लाकर दो, वो काफ़ी घबराई हुई थी और अपनी माँ से काफ़ी नाराज़ भी लग रह थी.

अब में समझ गया की सही मौका आ गया है और फिर मैंने उससे कहा कि यार अभी रात में तो बड़ी मुश्किल होगी, मेरे पास नहीं है और मुझे भी किसी से माँगना होगा. फिर स्वाती बोली कि प्लीज में तुम्हारे पैर पड़ती हूँ, कैसे भी करके पैसे का इंतजाम कर दो? में जिंदंगी भर तुम्हारा एहसान मानूँगी.

फिर मैंने कहा कि अच्छा ठीक है में कोशिश करता हूँ, लेकिन एक शर्त पर. तो स्वाती बोली क्या? तो मैंने कहा कि मुझे गीता के साथ सोना है, तो स्वाती बोली कि हरामजादे अभी उस कुतिया का भूत तेरे ऊपर से नहीं उतरा क्या?

मैंने कहा कि तुम जो भी समझो, लेकिन पहले उसकी चूत दिलाओ और फिर पैसे ले लो और ये कहकर मैंने अपना मोबाईल काट दिया. फिर इसके बाद करीब एक घंटे तक उसका फोन नहीं आया तो में डरने लगा कि मेरा दाव खाली चला गया है, लेकिन फिर एक घंटे बाद उसका फोन आ ही गया और इस बार वो नशे में थी, शायद मुझसे बात करने के बाद वो दारू पीने लगी थी.

फिर स्वाती बोली कि पैसे का इंतजाम हुआ? तो मैंने कहा कि तेरी माँ चुदवाने को तैयार है? तो स्वाती बोली कि वो ऐसे तैयार नहीं होगी? उसका कुछ करना होगा, तो मैंने कहा कि गीता की चूत के लिए में कुछ भी कर सकता हूँ. फिर स्वाती बोली कि ठीक है सुबह करीब 4 बजे मेरे घर आ जाओ और अपना वीडियो कैमरा भी लेते आना. गीता को जाल में फंसाना होगा, ऐसे जाल में कि वो चाह के भी बाद में मेरा या तुम्हारा कुछ ना कर सके. फिर मैंने ओके कहा और फोन काट दिया और बेसब्री से 4 बजने का इंतजार करने लगा.

फिर में ठीक 4 बजे उसके घर के बाहर पहुँच गया और अब वो मेरा इंतजार कर रही थी. फिर उसने धीरे से दरवाजा खोला और मुझे अंदर घुसाया और फुसफुसाते हुए बोली कि आवाज़ मत करो, नहीं तो वो रंडी जाग जाएगी. फिर मैंने पूछा कि कब चोदना है?

स्वाती बोली कि मैंने एक प्लान बनाया है, लेकिन चल पहले मेरी चूत चाट और मुझे गर्म कर ताकि में अपने सामने अपनी माँ को चुदवा सकूँ. अब वो नशे में बहकी हुई थी, फिर वो सोफे पर बैठ गयी और में अपने घुटनों के बल ज़मीन पर बैठ गया और उसकी मैक्सी उठाकर उसकी चूत को चाटने लगा. अब उसकी चूत गीली हो गयी थी और वो धीरे-धीरे मस्त होने लगी थी. फिर करीब आधे घंटे तक उसने अपनी चूत चटवाई और अब वो नशे और मस्ती से पागल हो गयी थी.

फिर उसने कहा कि चलो अब धीरे से बाथरूम में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लो, गीता के उठने का टाईम हो गया है, वो उठकर पानी पीती है और फिर फ्रेश होने जाती है और वो जब बाथरूम का दरवाजा खोलने की कोशिश करे तो तुम दरवाजा मत खोलना, फिर आगे देखो में क्या करती हूँ?

फिर इसके बाद मैंने धीरे से बाथरूम में घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और इंतजार करने लगा. अब मेरा 7 इंच का लंड मस्ती के मारे टाईट हो गया था और अब मेरा सपना सच होने जा रहा था और उधर स्वाती जाकर अपने कमरे में लेट गयी. फिर थोड़ी देर के बाद गीता उठी और पहले वो किचन में गयी और पानी पिया. अब वो ब्लाउज और पेटिकोट में थी और फिर उसे प्रेशर बन गया और वो बाथरूम के दरवाजे पर आकर खोलने लगी, लेकिन मैंने दरवाजा अंदर से लॉक किया हुआ था, इसलिए वो नहीं खुला.

फिर उसने 4-5 बार कसकर दरवाजा खोलने की कोशिश की और फिर उसने स्वाती को आवाज़ लगाई, तो स्वाती बोली कि हाँ मम्मी, तो गीता बोली कि देखो बाथरूम का दरवाजा नहीं खुल रहा है, तो स्वाती ने आकर 1-2 बार खोलने की कोशिश की और फिर बोली कि लगता है अंदर से लॉक हो गया है, मिस्त्री को बुलवाना पड़ेगा. फिर गीता बोली कि इतनी सुबह मिस्त्री कहाँ मिलेगा? तो स्वाती बोली कि हाँ 10 बजे के बाद ही मिलेगा.

फिर गीता बोली कि मुझे बहुत ज़ोर से प्रेशर बना है, तो स्वाती बोली कि पड़ोस वाले अंकल के यहाँ चली जाओ, तो गीता बोली कि इतनी सुबह कैसे जाऊं? तो स्वाती (फुसफुसाते हुए) बोली कि तो एक काम करो बेडरूम में चली जाओ, वहीं कर लेना और वैसे भी यहाँ मेरे अलावा कोई नहीं है और फिर जब बाथरूम का दरवाजा खुल जाए, तो यहाँ लाकर फ्लश कर देना.

फिर गीता बोली कि यही ठीक है, लेकिन किसमें करूँ? तो स्वाती बोली कि एक भगौना लेती जाओ, तो गीता तुरंत किचन में गयी और एक भगौना लेकर ऊपर बेडरूम में अपने चूतड़ मटकाते हुए चली गयी.

फिर इसके बाद स्वाती ने मुझे बाहर निकाला और बोली कि चल वो रंडी तेरा इंतजार कर रही है, तो मैंने कहा कि लेकिन वो तो टट्टी करने गयी है, तो स्वाती बोली कि उसका टट्टी करते समय ही कुछ किया जा सकता है. में वीडियो रिकॉर्ड कर लूँगी और इतना गंदा वीडियो देखकर वो डर के मारे कभी कुछ नहीं कर पाएगी, अब चल.

फिर इसके बाद हम लोग दबे पाव ऊपर बेडरूम की तरफ बढे, अब स्वाती नशे में लड़खड़ा रही थी. फिर बेडरूम के बाहर पहुँचकर स्वाती ने कैमरा ऑन किया और फिर कैमरा मुझे देते हुए कहा कि में अंदर जाती हूँ और तू दरवाजे के बाहर से ही रिकॉर्ड कर और फिर जब में बोलूंगी तो अंदर आ जाना.

फिर इसके बाद उसने धीरे से दरवाजा आधा खोला और अंदर घुस गयी. अब में दरवाजे से ही रिकॉर्ड कर रहा था, अब अंदर का सीन पागल कर देने वाला था. अब गीता दूसरी तरफ अपना मुँह करके अपना पेटिकोट कमर तक उठाकर भगौने पर अपनी गांड रखकर टट्टी कर रही थी. अब मुझे उसकी भारी गांड साफ-साफ़ दिख रही थी, अब उसका कुछ पेशाब भगौने से बाहर फर्श पर फैला हुआ था.

फिर गीता बोली कि यहाँ क्यो आ गयी? बाहर चलो, में आ रही हूँ. तो तब तक स्वाती उसके बगल में जाकर बैठ गयी और बोली कि में यह देखने आई हूँ कि तुम टट्टी करते समय कैसी दिखती हो? तो गीता बोली कि तुमने शराब पी है?

आज तुम्हारी जमकर पिटाई करूँगी और तुम्हें नशे में मालूम नहीं कि क्या बोल रही हो? तो स्वाती बोली कि में जानती हूँ कि में क्या बोल रही हूँ रंडी? और ये कहते हुए उसने गीता की चूत पर अपना हाथ रख दिया और उसकी चूत पर घनी झांटे थी और पेशाब भी लगा हुआ था. फिर स्वाती बोली कि साली तेरी चूत कितनी बड़ी है मादरचोद? ऐसा लगता है 1000 मर्द तुझे चोद चुके है. तो गीता (स्वाती को पीछे धकेलते हुए और लगभग चीखते हुए) बोली कि तुरंत कमरे से बाहर निकल जाओ, नहीं तो में तुम्हें जान से मार दूँगी.

फिर स्वाती बोली कि आज के बाद तू मेरा कुछ नहीं कर पाएगी मादरचोद, चुपचाप टट्टी कर और फिर इतने में उसने मुझे अंदर आने का इशारा किया और जैसे ही में अंदर आकर गीता के सामने खड़ा हुआ तो स्वाती उठी और गीता के पीछे बैठकर उसे कसकर पकड़ लिया. गीता तो बिल्कुल चकित रह गयी और कुछ सेकेंड के बाद लगभग काँपते हुए बोली कि ये कौन है? तो स्वाती बोली कि मेरा यार है तुझे चोदने आया है.

गीता बोली कि स्वाती तुरंत इसे लेकर चली जाओ, नहीं तो में आत्महत्या कर लूँगी. फिर स्वाती बोली कि जो मन में आए करना, लेकिन पहले इससे मरवा ले और फिर मुझसे बोली कि हरामी कैमरा इस रंडी की गांड की तरफ कर तो मैंने कैमरा उसकी गांड पर फोकस कर दिया और स्वाती बोली कि चल टट्टी कर कुतिया.

अब गीता का चेहरा सफेद पड़ चुका था और अब वो जान चुकी थी कि वो फँस गयी है और अपना सिर झुकाते हुए बोली कि हे भगवान में मर क्यों नहीं जाती? तो स्वाती (गीता की गांड सहलाते हुए) बोली कि रंडी भगवान ने इतनी बढ़िया गांड मरने के लिए नहीं मरवाने के लिए दी है और फिर इसके बाद उसने गीता का ब्लाउज ज़बरदस्ती उतार दिया और पीछे से उसकी बड़ी-बड़ी चूची पकड़कर सहलाने लगी और मुझसे बोली कि चल अपनी पेंट उतार और अपना लंड मेरी माँ को दिखा.

फिर मैंने झट से अपनी पेंट और अंडरवेयर एक बार में ही उतार दी और मेरा लंड फँनफनाया हुआ था. फिर स्वाती ने कहा कि चल कहाँ से शुरू करेगा? ऐसा कर कि पहले अपना लंड इसके मुँह में दे, तो में गीता के ठीक सामने मुँह के पास खड़ा हो गया और अपना लंड उसके मुँह में देने की कोशिश करने लगा, लेकिन वो अपना मुँह कसकर भींचे हुए थी और दूसरी तरफ मुँह कर ले रही थी.

फिर स्वाती बोली कि चुपचाप मुँह में ले ले, नहीं तो बहुत बुरा होगा, लेकिन गीता हार मानने को तैयार नहीं हुई, तो स्वाती बोली कि साली नखरे तो ऐसे कर रही है जैसे पहली बार लंड देखा हो, पक्की रांड है तू साली. फिर स्वाती ने गीता की पीठ पर कसकर मुक्का मारा और ज़ोर से उसके बाल खींचे, तो गीता का मुँह दर्द के मारे खुल गया और मेरा लंड सट से उसके मुँह के अंदर चला गया.

फिर स्वाती बोली कि गुड, अब चल इसे कसकर चूस. लेकिन अब गीता मेरा लंड अपने मुँह में लेकर अपना मुँह हिला रही थी, लेकिन चूस नहीं रही थी.

फिर ये देखकर स्वाती बोली कि देख रंडी में आखरी चेतावनी दे रही हूँ, चुपचाप चूसना शुरू कर, नहीं तो में कुछ ऐसा कर दूँगी कि तू पागल हो जाएगी. फिर इसके बाद स्वाती पीछे से अपना मुँह गीता के कान के पास ले जाकर बोली कि गीता डार्लिंग तुम्हारे पास दो रास्ते है, या तो इससे क़ायदे से चुदवा ले और या फिर इस भगौने में जो तेरा माल पड़ा हुआ है उसे में तेरे मुँह में डाल दूँगी, बोल डालूँ तेरे मुँह में, तो गीता घबरा गयी और वो तुरंत मेरा लंड चूसने लगी. अब में उसका सिर सहलाने लगा था और पीछे से स्वाती उसकी चूची दबाने लगी थी. अब में 5 मिनट में ही सातवें आसमान में चला गया था.

फिर मैंने स्वाती से कहा कि अब इसकी चूत दिलाओ, नहीं तो में झड़ जाऊंगा. फिर इस पर स्वाती ने गीता से कहा कि चलो मेरी जान अब उठो और बगल में पड़े पलंग पर चलकर लेट जाओ, तो गीता खड़ी हो गयी. अब उसने अपना पेटिकोट कमर तक उठाकर अपने हाथ से पकड़ा हुआ था. फिर गीता बोली कि मुझे अपनी गांड तो धो लेने दो.

फिर स्वाती बोली कि ये मेरा यार किस लिए है रानी, चल तू घोड़ी बनकर पलंग पर लेट तो इसके बाद गीता आकर पलंग पर घोड़ी बन गयी, क्या गजब का सीन था वो? अब मेरे सपनो की रानी गीता मेरे सामने घोड़ी बनी हुई थी और अब उसकी गांड मटके की तरह लग रही थी, उसकी चूची लटक रही थी.

अब गीता को घोड़ी बनती देखकर स्वाती भी गर्म हो गयी और उसने झट से अपनी मैक्सी उतार दी और पूरी नंगी हो गयी और बोली कि चल बहुत को चोदा आज अपनी रंडी माँ को भी चोद लूँ और ये कहकर वो पलंग पर आकर बैठ गयी और मुझसे कहा कि चल मेरी माँ की गांड चाटकर साफ कर और उसने अपने दोनों हाथों से गीता की गांड फैला दी. फिर में जाकर गीता की गांड का छेद चाटने लगा और 2 मिनट में ही मैंने उसकी गांड चाटकर साफ कर दी.

फिर इसके बाद स्वाती पलंग पर लेट गयी और गीता के साथ 69 के पोजिशन में आ गयी. अब स्वाती नीचे थी और गीता स्वाती की चूत की तरफ मुँह करके ऊपर लेटी थी. फिर स्वाती ने गीता की चूत में अपना मुँह घुसा दिया और गीता भी स्वाती की चूत चाटने लगी.

फिर मैंने अपना थोड़ा सा थूक गीता की गांड पर लगाया और मैंने अपना लंड गीता की गांड में घुसा दिया. अब मेरा लंड एक बार में ही पूरा अंदर तक घुस गया था, जिससे गीता की सिसकी निकल गयी थी.

फिर में अपने दोनों हाथों से गीता की कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से गीता की गांड मारने लगा था. अब नीचे से स्वाती ने अपनी एक उंगली मेरी गांड में डाल दी और गंदी-गंदी बातें बोलने लगी कि मार साले मार, मेरी माँ की गांड मार, रंडी साली अपनी गांड पर बहुत इतराती थी, फाड़ डाल इसकी गांड, देख कितने मज़े से मरवा रही है छिनाल. अब इधर गीता भी सिसकीयाँ लेकर गांड मरवाने का मज़ा लेने लगी थी और उधर स्वाती उसके चूत के दाने को अपने होंठो से कसकर चूस रही थी. इस तरह से करीब 10 मिनट तक हमारी चुदाई होती रही.

फिर मेरी मस्ती झड़ने के करीब जाने लगी तो में स्वाती से बोला कि में झड़ने जा रहा हूँ. तो स्वाती बोली कि रूको, लंड बाहर निकालो और अपना पूरा वीर्य इस रंडी के मुँह में गिरा दो, तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और गीता और स्वाती भी एक दूसरे से अलग हो गयी.

फिर स्वाती ने गीता के बाल पकड़कर उसका मुँह मेरे लंड से सटा दिया और अपना मुँह भी मेरे लंड के पास ले आई. फिर में अपने लंड को हिलाने लगा और मेरे लंड से 4-5 झटको में वीर्य की बौछार निकली, जो कुछ गीता के मुँह के अंदर गिरी और कुछ बाहर गिरी और फिर में झड़ गया और हांफने लगा. फिर स्वाती गीता के मुँह को चाटने लगी और फिर उसने गीता के मुँह में अपनी जीभ डाल दी और उसे फ्रेंच किस करने लगी.

फिर स्वाती ने मुझसे गीता के मुँह में पेशाब करने को कहा और उसके बाद वो भी गीता के मुँह पर बैठकर ज़ोर-ज़ोर से पेशाब करने लगी और ज़बरदस्ती गीता को पूरा पेशाब पीने को कहा, तो गीता पूरा पेशाब पी गयी. फिर इसके बाद में जल्दी से अपनी पेंट पहनकर स्वाती को पैसे देकर उसके घर से बाहर आ गया. दोस्तों इसके बाद मैंने कई हफ़्तो तक डर के मारे अपना मोबाइल ऑफ कर दिया कि कहीं कुछ ना हो जाये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

एक दिन बाज़ार में मुझसे गीता टकरा गयी तो मैंने उससे अपनी नज़र चुराने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझसे साफ साफ पूछा कि उस दिन मैंने स्वाती को कितने पैसे दिए थे? तो मेरे बताने पर वो ज़ोर से हँसी और बोली कि बेवकूफ़ तुम अगर सीधे मेरे पास आ जाते तो में आधे पैसे में ही उससे ज़्यादा मज़ा देती, चल अगली बार सीधे मेरे मोबाईल पर फोन करना.

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