तीनो ममेरी लड़कियों की चूत का आंनद


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मेरा नाम मोहन है मैं दिल्ली में रहता हूं और एक फाइनेंस कंपनी में जॉब करता हूं। मेरी उम्र 27 वर्ष है। मैं जिस कंपनी में नौकरी करता हूं उसी कंपनी में मेरे मामा मैनेजर के पद पर हैं। उन्होंने ही मुझे अपनी कंपनी में नौकरी दिलवाई। मैं जब से इस कंपनी में नौकरी कर रहा हूं तब से मेरे दोस्त मुझे कहने लगे हैं की मोहन तुम पहले जैसे नहीं रहे, तुम बहुत बदल गए हो। मैं उन्हें हमेशा कहता हूं कि मेरे ऊपर काम का इतना ज्यादा प्रेशर होता है कि मुझे समय ही नहीं मिल पाता। शायद मेरे दोस्त इसलिए मुझे कहते हैं। मैं वाकई में उन लोगों से अब बिल्कुल भी मिल नहीं पाता हूं। पहले हम लोग हमेशा पार्टी किया करते थे परंतु जब से मैंने यहां ज्वाइन किया है उसके बाद से तो जैसे मेरा जीवन ही पूरी तरीके से बदल गया है। मुझे बिल्कुल भी मेरे लिए वक्त नहीं मिलता लेकिन मेरी तनख्वाह भी अच्छी है इसलिए मैं यह कंपनी नहीं छोड़ना चाहता।

मैं पहले जिस कंपनी में नौकरी करता था वहां पर मेरी तनख्वाह काफी कम थी परंतु वहां मुझे अपने लिए समय मिल जाता था इसलिए मैं दोस्तों के साथ खूब जमकर पार्टी क्या करता था। एक दिन मैं और मामा ऑफिस में बैठे हुए थे उस दिन काम भी कम था। मामा मुझे कहने लगे कि मोहन बेटा काफी समय से हम लोग कहीं घूमने नहीं गए हैं। तुम अपनी मम्मी से इस बारे में पूछना और यदि तुम्हारे मम्मी-पापा दोनों राजी हो जाते हैं तो हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं। मैंने मामा से कहा ठीक है मैं मम्मी से आज शाम को ही घर जाकर बात करता हूं। मैं जब शाम को घर गया तो मैंने अपनी मम्मी से कहा कि मामा जी मुझसे घूमने की बात कह रहे थे। क्या हमें कहीं घूमने के लिए जाना चाहिए। मम्मी कहने लगी मैं इस बारे में तुम्हारे पापा से बात करती हूं यदि वह ऑफिस से छुट्टी ले ले तो हम लोग घूमने चलते हैं। कुछ ही देर बाद मेरे पापा भी ऑफिस से आ गए। मेरी मम्मी ने पापा से पूछा कि मेरे भैया कह रहे थे कि कहीं घूमने के लिए प्लान बनाते हैं क्या आप अपने ऑफिस से छुट्टी ले लेंगे। वह कहने लगे ठीक है मैं कोशिश करूंगा मैं तुम्हें इस बारे में कल बताता हूं। अगले दिन मेरे पापा ने कहा ठीक है मैं 10 दिन की छुट्टियां ले लेता हूं।

मैंने यह बात मामा को बताई तो मामा कहने लगे कि हम लोग जल्दी से इसी बीच में घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि आजकल ऑफिस में भी काम कम है इसलिए हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। मैंने मामा से कहा कि हम लोग कहां घूमने चलेंगे। वह कहने लगे कि मेरा एक दोस्त है जो दमन में रहता है वह हमारे वहां रुकने और सारी चीजों की व्यवस्था करवा देगा। मैंने मामा से कहा ठीक है  यह तो बहुत अच्छा रहेगा कुछ दिन हमे इस बहाने घूमने का तो मौका मिल जाएगा।  कुछ ही दिनों बाद हमने घूमने का सारा प्रोग्राम बना लिया। मेरे परिवार में तो बस हम लोग तीन हीं सदस्य हैं लेकिन मेरे मामा के परिवार में काफी लोग हैं। उनकी तीन लड़कियां हैं और उनका एक लड़का भी है जो अभी स्कूल में पढ़ रहा है। उनकी पत्नी भी जॉब करती हैं। उन्होंने भी अपनी जॉब से छुट्टी ले ली थी। हम लोग ट्रेन से ही जाने वाले थे। हम लोग स्टेशन में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही ट्रेन आई तो हम लोग ट्रेन में बैठ गए। मैंने और मेरे पिताजी ने सारा सामान रखा। थोड़ा बहुत सामान मेरे मामा भी अपने साथ ले आये। हमारे पास काफी सामान हो गया था। मेरी मामी का वजन तो ज्यादा है इसलिए वह अच्छे से चल भी नहीं पाती। हमने सबसे पहले उन्हें ही ट्रेन के अंदर चढ़ने के लिए कहा। वह जब ट्रेन की सीट में बैठ गई तो हम लोगों ने उसके बाद अपना सारा सामान अच्छे से रख दिया। ट्रेन को चलने में आधा घंटा था इसलिए मैंने सोचा कि मैं बाहर से कुछ खाने के लिए ले आता हूं। वैसे तो हम लोगों ने खाने के लिए टिफिन रखा था लेकिन मैंने सोचा कि हम लोग कुछ बाहर से ले लेते हैं। मैंने बाहर से नमकीन और चिप्स ले लिए और एक दो कोल्ड ड्रिंक की बोतलें भी रख ली। मैं जब ट्रेन के अंदर बैठा तो उसी वक्त ट्रेन चलने लगी। मैं अब ट्रेन में बैठा हुआ था। मेरे मामा और मेरे पापा मम्मी बात कर रहे थे। मेरी मामी अपनी सीट पर आराम से सो चुकी थी। मैं भी बोर हो रहा था मैंने सोचा कि मैं अपने मामा की तीनों लड़कियों से बात कर लूं। वह तीनो बड़ी ही चुपचाप रहती है वह किसी के साथ भी ज्यादा बात नहीं करती हालांकि उनकी उम्र भी मेरी जितनी है लेकिन वह बड़ी ही चुपचाप रहती है। उनका नाम ललिता। पारुल और काजल है।

मैंने उन तीनों से कहा कि तुम तीनों बहुत ही चुप रहती हो। तुम किसी से बात भी नहीं करती। वह तीनों कहने लगी हमें आपस में रहना ही अच्छा लगता है हम लोग ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करते। मैंने उसे कहा कम से कम तुम लोग मुझसे तो बात कर लो। वह कहने लगी हां हम लोग आपसे तो बात कर ही सकते हैं। जब वह तीनो मेरे साथ बात करने लगे तो मेरा सफर भी थोड़ा बहुत कटने लगा। मेरे साथ वह तीनो पूरी तरीके से खुलने लगी थी। मैंने जब ललिता से उसका मोबाइल मांगा तो उसके मोबाइल में उन  तीनो की नंगी तस्वीर थी। मैंने जब वह नंगी तस्वीर देखी तो मेरा मूड खराब हो गया। मैंने ललिता को अपने पास बुलाया और कहा तुम तीनो एक साथ आपस में सेक्स करती हो। वह घबरा गई और मुझे कहने लगी हम तीनो आपको अपनी चूत मारने देंगी लेकिन आप यह बात पापा को मत बताना।

मैंने सोचा चलो मेरा सफर भी कट जाएगा मैं मजे भी ले लूंगा। मैं सबसे पहले ललिता को बाथरूम में ले गया। मैंने जब ललिता को नंगा किया तो उसका बदन बड़ा ही गजब का था मैंने उसे बहुत देर तक अपने लंड को चूसवाया। जब मैंने उसकी चूत मारी तो उसकी चूत मारकर मुझे बहुत मजा आया। उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी और उसे चोदने में मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं उसके साथ 5 मिनट तक संभोग कर पाया। हम दोनो सीट में आकर बैठे तो मेरे पापा कहने लगे तुम बार बार टॉयलेट में क्यों जा रहे हो। मैंने उनसे कहा मेरा पेट खराब हो गया है। उसके बाद में पारुल को बाथरूम में लेकर गया। जब मैं पारुल को बाथरूम में ले गया तो उसकी गांड बाहर की तरह थी। मैंने उसकी गांड को बहुत देर तक चाटा। मैने उसे कहा तुम मुझसे अपनी गांड मरवाओगी। वह पहले डर रही थी लेकिन मैंने उसकी गांड में जब अपने लंड को डाला तो उसकी गांड फट गई। मैंने काफी देर तक उसकी गांड मारी। मुझे उसकी गांड मारने में बहुत मजा आ रहा था और वह बहुत खुश हो रही थी। मैंने उससे पूछा क्या तुम्हें गांड मरवाने का शौक है। वह कहने लगी हां। दीदी तो मेरी गांड में हमेशा बैगन डालती रहती है तभी मेरी गांड इतनी बड़ी हो गई। जब मैंने उसके यौवन का स्वाद भी चख लिया तो उसके बाद मैं रात को काजल को अपने साथ ले गया। काजल उन तीनों में सबसे छोटी है लेकिन जब मैंने उसका बदन देखा तो उसका बदन देख कर मेरा वीर्य अपने आप ही निकल गया। जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकला तो मेरे अंदर से आग पैदा होने लगी। काजल मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी। मुझे बहुत मजा आने लगा। वह मुझे कहने लगी भैया आपका लंड तो बहुत ही मोटा है। मैंने आज तक कभी भी इतना मोटे लंड को अपने मुंह में नहीं लिया। यह मेरा पहला ही मौका है। उसने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा जब तक मेरा वीर्य बाहर नहीं आ गया। उसने मेरे वीर्य को अपने मुंह के अंदर समा लिया। जब मैंने उसकी चिकनी चूत के अंदर लंड डाला तो उसकी चूत इतनी ज्यादा टाइट थी कि मेरा लंड उसकी योनि के अंदर जा ही नहीं रहा था लेकिन मैंने कोशिश करते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल ही दिया। जैसे ही मेरा लंड उसके अंदर गया तो वह दर्द से करहाने लगी। मैंने उसकी चूत बड़ी देर तक मारी। उसकी चूत से खून लगातार बाहर की तरफ बह रहा था लेकिन मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसके साथ 10 मिनट तक संभोग किया। मुझे सबसे ज्यादा सेक्स का सुख काजल ने दिया। जब मेरी इच्छा भर गई तो मैं आराम से उस रात को लेट गया। मैंने उसके बाद उन तीनों को दमन में भी बहुत अच्छे से चोदा।